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शहादत पर सियासत: सेना का बयान- शहीद का कोई धर्म नहीं होता

Wed, 14 Feb 2018 01:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अन्बु, उत्तरी सेना कमान्डर - फोटो : ANI
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जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई। विपक्ष ने इस मसले पर केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर भी लिया है। ऐसे में सेना की तरफ से बयान आया है। GOC नॉर्दर्न कमांड, जनरल देवराज अन्बु ने आतंकी कैंपों पर होने वाली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दुश्मन निराश हो चुका है और झुंझला रहा है। उन्होंने कहा कि जब वो सीमा पर खदेड़े जाते हैं तो बौखलाहट में सॉफ्ट जगहों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि युवा बड़े स्तर पर आतंकवाद में शामिल हो रहे हैं जोकि चिंता का विषय है। 

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जनरल देवराज अन्बु ने शहादत पर होने वाली सियासत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम शहादत का सम्मान करते हैं और इसे कभी भी किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखते हैं। जो शहीद जवानों पर टिप्पणी करते हैं, दरअसल वह सेना के बारे में ज्यादा जानते नहीं हैं। गौर हो कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को इस मुद्दे पर सवाल दागा था। उन्होंने कहा था घाटी में मुस्लिमों की जान जा रही है। 
 


सेना ने सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के बढ़ते दायरे के लिए सोशल मीडिया भी जिम्मेदार है।सोशल मीडिया बड़े पैमाने पर युवाओं को गुमराह कर रहा है। जनरल देवराज के मुताबिक हमें इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है। 
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आतंकवादी संगठनों पर चर्चा करते हुए जरनल देवराज ने कहा कि वह चाहे हिजबुल मुजाहिद्दीन हो, जैश-ए-मुहम्मद हो या फिर लश्कर-ए-तैयबा। तीनों का मकसद एक ही है। तीनों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी राज्य के खिलाफ बंदूक उठाएगा, हमारे लिए वह आतंकवादी है और आतंकियों से कैसे निपटना है, हम बेहतर तरीके से जानते हैं। 
 

 

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