आधार कार्ड के मसले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। आधार पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि आधार न बनवाना अपराध है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार कार्ड न बनवाने वालों को अपराधी नहीं कह सकते हैं। आधार पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को भी सुनवाई हुई। गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करेगा।
इससे पहले मंगलवार को पैन कार्ड को आधार से लिंक करने पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इससे जाली पैन कार्ड बनाने पर रोक लगेगी। सरकार ने कहा कि आधार को कई सेवाओं के लिए जरूरी करने से सरकार को 50 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है जो वो गरीबों के कल्याण पर खर्च करेगी। आधार की मदद से सरकार ने 10 लाख पैन कार्ड कैंसिल कर दिए हैं।
आधार से नहीं बन सकती जाली आईडेंटिटी
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि आधार काफी सुरक्षित है और यह इतना बढ़िया सिस्टम है जिससे किसी भी व्यक्ति की जाली आईडेंटिटी नहीं बन सकती है। सरकार ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को आधार डाटा के साथ छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं है और अगर किसी व्यक्ति का आधार डाटा कर्मचारियों को चाहिए तो उसको भी लेने के लिए कई तरह के नियमों का पालन करना होता है।