कांग्रेस के भीतर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लेकर अंदरुनी खींचतान तेज हो गई है। कांग्रेस के कुछ पुराने रणनीतिकारों का मानना है कि प्रशांत पार्टी की रणनीति तय करने के बहाने 2019 के पीएम की कुर्सी पर नजर गड़ाए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एजेंडा चलाने की कोशिश में हैं। जेडीयू की तरफ से प्रशांत किशोर को राज्यसभा में भेजने की खबर के बाद पुराने कांग्रेसियों ने अपने हथियार को और धार देना शुरु कर दिया है।
पार्टी के भीतर चर्चा गरम है कि पंजाब कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कैप्टन अमरेंदर सिंह और प्रशांत के बीच चुनाव रणनीति पर विरोधाभासी विचारों के चलते तीखी अनबन हुई है। हालांकि प्रशांत की टीम और कांग्रेस की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक तौर पर खुलकर नहीं बोल रहा है। लेकिन कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता आपसी बातचीत में प्रशांत के प्रति रोष नहीं रोक पा रहे। कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने इस बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि इस तरह की कोई बात नहीं है। उधर प्रशांत किशोर ने भी सफाई दी है कि वह अपना काम कर रहे हैं।
उनका किसी से कोई मतभेद नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी केनजदीकी रणनीतिकार रहे नेता ने कहा कि प्रियंका गांधी को चुनाव प्रचार संभालने और राहुल को यूपी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के प्रशांत की योजना पर गहरी मंत्रणा चल रही है। सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर पुराने नेताओं का मानना है कि प्रशांत कांग्रेस के लिए कम नीतीश के 2019 एजेंडे पर ज्यादा काम कर रहे हैं। इन्हें यह बात भी नहीं पच रही कि नीतीश सरकार में मंत्री का दर्जा रखने वाले प्रशांत को जेडीयू की तरफ से राज्यसभा भेजने की तैयारी चल रही है।