केरल के वायनाड में हुई त्रासदी में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। सेना ने अन्य दलों के साथ विशेष अभियान चलाकर त्रासदी में मारे गए लोगों की पहचान के लिए 248 लोगों के 401 अंगों को बरामद किया था, जिनमें 349 अंगों का डीएनए परीक्षण कर लिया गया है।
वायनाड में 30 जुलाई को भूस्खलन प्रभावित इलाकों से बरामद शरीर के 401 अंगों का डीएनए परीक्षण मंगलवार को पूरा हो गया। जबकि ज्यादा विघटन के कारण 52 अंगों का अब तक परीक्षण नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
सेना और विशेष अभियान समूह ने चलाया अभियान
सेना, विशेष अभियान समूह, अग्निशमन और वन विभाग सहित कई स्वयंसेवकों ने तलाशी अभियान में मदद की। जिसमें 248 लोगों के 349 शरीर के अंग बरामद हुए थे, जिनमें 121 पुरुष और 127 महिलाएं शामिल थीं।
राजस्व मंत्री के राजन ने कहा कि शरीर के 52 अंगों को का परीक्षण अभी और होना है, विघटन के कारण अभी उनका परीक्षण नहीं हो सका है। राजन के मुताबिक, अब तक 115 लोगों के रक्त के नमूने एकत्र किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों और प्रबंधन प्रतिनिधियों को निरीक्षण करने और एक रिपोर्ट प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
लोगों को फिर से दस्तावेज मुहैया कराने के लिए चला विशेष अभियान
केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में आए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं। इस बीच, भूस्खलन में अपना सब कुछ खो चुके जिंदा बचे लोगों को उनके आधिकारिक दस्तावेज फिर से देने के लिए सोमवार को वायनाड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एक विशेष शिविर शुरू किया गया। साथ ही लापता लोगों की तलाश भी जारी रही।
स्कूलों में बनाए गए शिविर
स्थानीय स्वशासन विभाग, जिला प्रशासन और राज्य आईटी मिशन द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे प्रमाण पत्र/दस्तावेज पुनर्प्राप्ति अभियान के तहत यहां मेप्पाडी के चुनिंदा स्कूलों में ये शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने सोमवार को फेसबुक पोस्ट में कहा कि शिविरों या अन्य स्थानों पर ठहरे लोगों के लिए शिविरों में इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि वे आकर अपने खोए हुए दस्तावेज या प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकें।