फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्रिपुरा-बांग्लादेश के बीच विभाजन से पूर्व का जलमार्ग फिर से बहाल, द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

Fri, 28 Aug 2020 01:40 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला/ढाका
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना(फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में एक नए युग की शुरुआत हुई है। दरअसल दोनों देशों में विभाजन से पहले का नदी जल परिवहन संपर्क फिर से बहाल हो गया है। हाल ही में बांग्लादेश अंतर्देशीय जल परिवहन प्राधिकरण ने त्रिपुरा के सोनामुरा बंदरगाह और पड़ोसी देश के चिटगांव संभाग के दाउदकंदी बंदरगाह के बीच मालवाहक पोत की आवाजाही को मंजूरी दे दी।

विज्ञापन


प्राधिकरण ने इस साल 20 मई को इसकी मंजूरी दी थी और कहा था कि भारत बांग्लादेश के बीच प्रोटोकॉल के तहत अंतर्देशीय जल परिवहन और व्यापार होगा। दोनों देशों के पोत निर्धारित रूट से बंदरगाहों के बीच चलेंगे। इससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे कारोबारियों को लाभ होगा और दोनों देशों के लोगों का भरोसा बढ़ेगा।

भारत बांग्लादेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, बांग्लादेश के अब्दुल मतलूब अहमद ने कहा कि जलमार्ग परिवहन का सबसे सस्ता माध्यम है और इसमें रखरखाव लागत भी कम आती है। इस जलमार्ग को फिर से खोलना एक गेम चेंजर साबित होगा। मतलूब ने कहा कि यह भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए फायदे का सौदा होगा।
विज्ञापन

 
अगले हफ्ते पहली खेप में ढाका से आएगा सीमेंट
गोमती नदी पर सोनामुरा से दाउदकंदी का 93 किलोमीटर लंबा रूट त्रिपुरा का पहला प्रोटोकॉल रूट होगा। त्रिपुरा सरकार ने जहाजरानी मंत्रालय की मदद से पहले ही एक अस्थायी बंदरगाह तैयार कर लिया है, जहां सामान की लोडिंग अनलोडिंग होगी। सितंबर के पहले हफ्ते में ट्रायल रन के तहत इस जल मार्ग से 50 मीट्रिक टन सीमेंट ढाका से सोनामुरा पहुंचेगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें