फडणवीस ने सोमवार को शिवसेना पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'मैं उनको याद दिलाना चाहता हूं कि उनकी पार्टी जब पैदा भी नहीं हुई थी, तब से भाजपा के मुंबई में पार्षद हैं और आज तक हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के रविवार को दिए गए इस बयान कि भाजपा के साथ गठबंधन में हमारी पार्टी ने 25 साल बर्बाद किए हैं, बहस छिड़ गई है। दोनों दलों के नेताओं ने इस बयान को आधार बनाकर एक दूसरे पर जमकर शब्द बाण चलाए हैं। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हम महाराष्ट्र में भाजपा को नीचे से ऊपर तक ले गए। यदि हमने बाबरी विध्वंस के बाद देशभर में चुनाव लड़ा हो तो प्रधानमंत्री शिवसेना का होता। जवाब में पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, बीएमसी में तब से हमारे पार्षद हैं, जब शिवसेना पैदा भी नहीं हुई थी।
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महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासत गरमा गई है। दरअसल उद्धव ठाकरे ने रविवार को शिवसेना संस्थापक स्व. बाला साहब ठाकरे की 96 वीं जयंती पर शिवसैनिकों को संबोधित करते हुए कहा था कि भाजपा का हिंदुत्व सत्ता के लिए है। शिवसेना ने भाजपा को छोड़ा है हिंदुत्व नहीं। हमने भाजपा से गठबंधन कर 25 साल बर्बाद किए।' इसके बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने ट्वीट कर बाल ठाकरे के भाषणों और लेखों को याद किया और कहा कि बाल ठाकरे ने मराठी भाषी लोगों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।
हमारे साथ थे तो दूसरे नंबर पर थे, अब चौथे पर हैं : फडणवीस
भाजपा नेता व पूर्व सीएम फडणवीस ने सोमवार को शिवसेना पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'मैं उनको याद दिलाना चाहता हूं कि उनकी पार्टी शिवसेना जब पैदा भी नहीं हुई थी, तब से भाजपा के मुंबई में पार्षद हैं और आज तक हैं। वे हमारे साथ थे तब नंबर 1 या नंबर 2 थे, लेकिन अब वे नंबर 4 पर हैं।
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फडणवीस ने कहा, 'मैं शिवसेना को चुनौती देता हूं कि वह सोनिया गांधी या राहुल गांधी, जिनके साथ वह बैठ रहे हैं, से बाला साहब ठाकरे के लिए बस एक ट्वीट करा दें। आप सिर्फ राम मंदिर आंदोलन में भाषण देते रहे, हम वो लोग हैं, जिन्होंने लाठी व गोलियां खाई हैं।'
उस समय चुनाव लड़ते तो शिवसेना के पीएम होते : राउत
संजय राउत
- फोटो : पीटीआई
उधर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, 'बाबरी मस्जिद के बाद, उत्तर भारत में शिवसेना की लहर थी, अगर हमने उस समय चुनाव लड़ा होता तो देश में हमारे (शिवसेना) पीएम होते, लेकिन हमने यह उनके लिए छोड़ दिया। भाजपा सिर्फ सत्ता के लिए हिंदुत्व का इस्तेमाल करती है। महाराष्ट्र में हम भाजपा को शून्य से शिखर तक ले गए।
स्व. ठाकरे ने कहा था ताला डाल दूंगा पर कांग्रेस से गठबंधन नहीं करूंगा : राम कदम
संजय राउत और राम कदम
- फोटो : अमर उजाला
महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेता राम कदम ने कहा, 'हिंदुत्व पर हमें व्याख्यान देने के पहले उद्धव ठाकरे को आत्म निरीक्षण करना चाहिए कि क्या शिवसेना स्व. बाल ठाकरे की विचारधारा पर चल रही है, जिन्होंने कहा था कि वह कभी कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे और ऐसी स्थिति बनी भी तो वह पार्टी के दफ्तर पर ताला जड़ना पसंद करेंगे।'
भाजपा से गठबंधन करने वालों को वह धीरे-धीरे खत्म कर देती है : नवाब मलिक
नवाब मलिक (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
उधर, राकांपा नेता व मंत्री नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि यह हकीकत है कि जो दल भाजपा से गठबंधन करता है, उसे वह धीरे-धीरे खत्म कर देती है। किसी धर्म पर गर्व करना अच्छा हो सकता है, लेकिन दूसरे धर्म से नफरत करना सही नहीं है।
सत्ता के लोभ में हिंदु विरोधी दलों से जुड़े : रावसाहेब दानवे
केंद्रीय मंत्री राव साहेब पाटिल दानवे
- फोटो : ANI
केंद्रीय मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने कहा, चुनाव प्रचार के दौरान डोंबिवली में शिवसेना ने सावरकर का उदाहरण दिया था। क्या वह हिंदुत्ववादी पाटी है? आज उद्धव ठाकरे बाला साहब ने जो कहा था उससे ठीक उल्टा बर्ताव कर रहे हैं। उन्होंने सत्ता के लोभ में हिंदू विरोधी दलों से हाथ मिला लिया।
दरअसल, 2019 के महाराष्ट्र चुनाव के बाद शिवसेना ने सीएम पद को लेकर उसने अपने सबसे पुरानी सहयोगी भाजपा से नाता तोड़ लिया था। उसने महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार बनाने के लिए धुर विरोधी दलों एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया था।