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JPC: बजट सत्र तक बढ़ेगा वक्फ संशोधन विधेयक के लिए गठित समिति का कार्यकाल, संसद में आज लाया जाएगा प्रस्ताव

Wed, 27 Nov 2024 09:42 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

JPC: कल लोकसभा में वक्फ संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल और भाजपा सांसद दिलीप सैकिया वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय को बजट सत्र, 2025 के अंतिम दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव पेश करेंगे।
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जेपीसी का बढ़ेगा कार्यकाल - फोटो : PTI
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विस्तार
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वक्फ संशोधन विधेयक-2024 पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा। बता दें कि समिति की बुधवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से ये फैसला लिया गया। समिति को इस सप्ताह के अंत तक रिपोर्ट देनी थी। मामले में समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल का कहना है कि समिति के सभी सदस्य इस बात पर सहमत हैं कि जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए।
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विपक्ष बढ़वाना चाहता था समिति का कार्यकाल
इससे पहले समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा था कि समिति की रिपोर्ट लगभग तैयार है और इसे समय से सदन को भेजा जाएगा। हालांकि विपक्ष को इस पर आपत्ति थी। विपक्ष समिति का कार्यकाल बढ़वाना चाहता था। इस संबंध में विपक्षी नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की थी।

जगदंबिका पाल और असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : PTI
कार्यकाल बढ़ाए जाने की मांग को लेकर हंगामा
बुधवार को समिति की बैठक में विपक्षी सदस्यों ने समिति का कार्यकाल बढ़ाए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया। विपक्षी सदस्य बैठक को बीच में ही छोड़कर बाहर चले गए। तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि समिति का ज्यादातर समय सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों से ही चर्चा में लगाया गया और जिन राज्यों में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति है, उन्हें नहीं बुलाया गया। इसके बाद संयुक्त संसदीय समिति की बुधवार को पार्लियामेंट हाउस एनेक्सी में बैठक हुई। बैठक के बाद बाहर आए सांसदों ने इस बात की पुष्टि की कि समिति का कार्यकाल बढ़ाए जाने पर सहमति बन गई है।

बजट सत्र तक बढ़ेगा जेपीसी का कार्यकाल - फोटो : PTI
इससे पहले समिति के विपक्षी सदस्यों ने वॉकआउट किया और संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पाल की आलोचना की, क्योंकि उन्होंने कहा था कि समिति की मसौदा रिपोर्ट तैयार है। जगदंबिका पाल और समिति के भाजपा सदस्यों ने उनसे संपर्क किया, जिसके बाद माहौल शांत हुआ। उन्होंने समिति की रिपोर्ट लोकसभा को सौंपने की 29 नवंबर की समयसीमा बढ़ाने के लिए दबाव बनाने की इच्छा जताई।

लोकसभा ने अपनी कार्यसूची में प्रस्ताव सूचीबद्ध किया
समिति का गठन करने वाली लोकसभा ने बाद में गुरुवार के लिए अपनी कार्यसूची में 'बजट सत्र 2025 के अंतिम दिन तक' रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय बढ़ाने का प्रस्ताव सूचीबद्ध किया। 21 नवंबर को समिति की पिछली बैठक के बाद जगदंबिका पाल ने कहा था कि इसकी मसौदा रिपोर्ट तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि हितधारकों के साथ समिति का परामर्श खत्म हो गया है और इसके सदस्य अब रिपोर्ट पर चर्चा करेंगे और इसे अपनाए जाने से पहले यदि कोई बदलाव हो तो उसका सुझाव देंगे। बुधवार की बैठक में विपक्षी सदस्यों ने इस रुख पर कड़ी आपत्ति जताई और जल्द ही बाहर निकल गए।
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जगदंबिका पाल और कल्याण बनर्जी - फोटो : PTI
क्या है पूरा मामला?
लोकसभा में आठ अगस्त को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने 'वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024' पेश किया था। इसके साथ ही इससे जुड़े निष्क्रिय हो चुके पुराने अधिनियम को कागजों से हटाने के लिए 'मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024' को भी पेश किया गया था। नए विधेयक का नाम एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम होगा। अंग्रेजी में यूनिफाइड वर्क मैनेजमेंट एंपावरमेंट एफिशिएंट एंड डेवलपमेंट यानी 'उम्मीद'। इस विधेयक का विपक्ष ने पुरजोप विरोध किया था। उसके बाद नौ अगस्त को इसे आगे की चर्चा के लिए संसद की संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया गया था।
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