उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर शिवसेना के सांसद सोमवार को नई दिल्ली में बैठक करेंगे। यह बैठक संसदीय दल के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे की अगुवाई में होगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही एनडीए उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन को समर्थन दे चुके हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में शिवसेना के सांसद सोमवार को नई दिल्ली में बैठक करेंगे। यह बैठक नौ सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई है। पार्टी प्रवक्ता और ठाणे के सांसद नरेश म्हास्के ने बताया कि बैठक शिवसेना संसदीय दल के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे की अगुवाई में होगी।
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म्हास्के ने कहा कि यह बैठक उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के निर्देश पर बुलाई गई है। डॉ. श्रीकांत शिंदे ने सभी सांसदों को रविवार रात तक दिल्ली पहुंचने के निर्देश दिए हैं। बैठक में उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर अहम चर्चा होगी और मतदान के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
चुनाव की पृष्ठभूमि
यह चुनाव उस वक्त जरूरी हो गया जब जुलाई में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्ष ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी (सेवानिवृत्त) को उम्मीदवार बनाया है।
शिवसेना का समर्थन एनडीए उम्मीदवार को
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनकी पार्टी एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन को समर्थन देगी। माना जा रहा है कि सोमवार की बैठक में इस समर्थन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा होगी।
डॉ. श्रीकांत शिंदे को यह जिम्मेदारी दी गई है कि सभी सांसदों की एकजुटता दिखे और राधाकृष्णन के पक्ष में अधिकतम वोट सुनिश्चित हो। उन्होंने सांसदों को मतदान प्रक्रिया से जुड़े सभी निर्देश और सावधानियां दी हैं।
रणनीतिक महत्व की बैठक
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बैठक शिवसेना की एकजुटता दिखाने के साथ-साथ एनडीए की मजबूती का संदेश देने के लिए भी अहम है। दिल्ली में होने वाली यह बैठक पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ही स्तरों पर राजनीतिक संकेत देने वाली साबित हो सकती है।