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वीके सिंह बोले, 'याकूब मेमन का समर्थक था रोहित'

Sun, 06 Mar 2016 10:40 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • केंद्रीय मंत्री वीके सिंह का कन्हैया पर निशाना
  • बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन में की टिप्पणी
  • 'याकूब मेमन का समर्थक था रोहित वेमुला'
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रोहित वेमुला पर वीके सिंह टिप्पणी
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विस्तार
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जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने कन्हैया कुमार के उस बयान पर सवाल खड़े जिसमें उसने रोहित वेमुला को अपना आदर्श बताया था। 
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केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने कहा कि कन्हैया कुमार रोहित वेमुला को अपना आदर्श बताता है, जबकि रोहित वेमुला ने मुंबई ब्लास्ट के अभियुक्त याकूब मेमन के समर्थन में सभा बुलाई थी। ऐसे में कन्हैया किसको अपना आदर्श मान रहा है। क्या ऐसा कहने से उन लोगों को बढ़ावा नहीं मिल रहा जो भारत को गाली दे रहे हैं?

वृंदावन में बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए वीके सिंह ने रोहित वेमुला को याकूब मेमन का समर्थक बताकर निशाना साधा।
 
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अमित शाह के निशाने पर कांग्रेस पार्टी

भाजयुमो अधिवेशन - फोटो : अमर उजाला
भले ही वीके सिंह ने रोहित वेमुला पर निशाना साधा हो लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रहे रोहित की तारीफ की थी। रोहित ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टल में खुदकुशी कर ली थी। प्रधानमंत्री मोदी ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रोहित को मां भारती का लाल कहा था। उन्होंने कहा था कि मां भारती ने अपना एक लाल खो दिया।

वहीं बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन में बोलते हुए जेएनयू मुद्दे पर बेहद आक्रामक अनुराग ने कहा कि देशविरोधी नारों का विरोध करने पर एक वर्ग पूछता है कि क्या भाजपा ने राष्ट्रवाद और देशभक्ति का ठेका ले रखा है। मेरा जवाब है कि हां हमने ले रखा है। क्योंकि जब भी सेना संकट में आई, एकता पर संकट आई, इसी पार्टी ने आगे बढ़ कर मोर्चा खोला। जेएनयू मुद्दे पर भी भाजपा ने ही राष्ट्रद्रोहियों के खिलाफ मोर्चा खोला।

इससे पहले अमित शाह ने जेएनयू मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस को उनके विश्वविद्यालय दौरे पर शर्म आनी चाहिए।

उन्होंने पूछा कि क्या ‘राष्ट्रविरोधी नारों’ को अभिव्यक्ति की आजादी कहा जा सकता है। देश में अजीब माहौल बनाया जा रहा है। कांग्रेस को इस पर शर्म करना चाहिए कि इसके उपाध्यक्ष कैंपस में पहुंचते हैं और कहते हैं कि इन नारों को सुना जाना चाहिए क्योंकि ये अभिव्यक्ति की आजादी हैं।
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