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USA: 'रूस-चीन सैन्य गठबंधन अमेरिका के सामने सबसे बड़ा खतरा'; यूक्रेन मुद्दे पर भी बोले रामास्वामी

Thu, 31 Aug 2023 10:41 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

रामास्वामी ने कहा कि अगर हम रूस के साथ पश्चिमी आर्थिक संबंधों को फिर से खोल सकते हैं, तो रूस के पास चीन के साथ साझेदारी करने का कोई कारण नहीं है।  
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विवेक रामास्वामी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अमेरिका में अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ने कहा है कि चीन से निपटने के लिए रूस को ड्रैगन के साथ अपने सैन्य गठबंधन से बाहर निकलने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि एक अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में वह यूक्रेन और रूस के बीच वर्तमान नियंत्रण रेखाओं को स्थिर करने की पेशकश करेंगे। इससे पहले, रामास्वामी ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका की चीन और ताइवान पर निर्भरता खत्म कर सकते हैं। उन्होंने भारत, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ मजबूत संबंधों का आह्वान भी किया। 

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गुरुवार को रामास्वामी ने कहा कि एक अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में वह यूक्रेन और रूस के बीच जंग को रोकने के लिए  वर्तमान नियंत्रण रेखाओं को स्थिर करने की पेशकश करेंगे। उन्होंने कहा कि वे सख्त प्रतिबद्धता बनाएंगे कि नाटो यूक्रेन को इसमें प्रवेश नहीं देगा और प्रतिबंध हटा देगा। हालांकि इसके बदले में रूस को चीन के साथ अपने सैन्य गठबंधन से बाहर निकलना होगा।

रूस और यूक्रेन को लेकर दिया ये जवाब
दरअसल, जब उनसे पूछा गया कि वह रूस और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को कैसे रोकेंगे, इस सवाल पर उन्होंने ये जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मैं एक ऐसा सौदा करूंगा जिसके लिए (व्लादिमीर) पुतिन हां कहेंगे, लेकिन यह वास्तव में अमेरिकी हितों को आगे बढ़ाएगा ताकि संयुक्त राज्य अमेरिका जीत सके।
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हम रूस को चीन की गोद में बैठा रहे
उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल, हम रूस को चीन की गोद में बैठा रहे हैं। रूस-चीन सैन्य गठबंधन आज संयुक्त राज्य अमेरिका के सामने सबसे बड़ा खतरा है। रामास्वामी ने कहा कि चीन आज अधिक मूल्यवान है, इसका कारण यह है कि अमेरिका ने नॉर्ड स्ट्रीम एक और दो पाइपलाइनों पर बमबारी करके और रूस पर प्रतिबंध लगाकर गलत तरीके से रूस को पश्चिम से काट दिया है। ऐसे में अगर हम रूस के साथ पश्चिमी आर्थिक संबंधों को फिर से खोल सकते हैं, तो रूस के पास चीन के साथ साझेदारी करने का कोई कारण नहीं है।  

निक्की हेली ने की रामास्वामी की आलोचना
इस बीच, एक अन्य भारतीय मूल के रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और दक्षिण कैरोलिना के पूर्व गवर्नर निक्की हेली ने रामास्वामी की उनकी टिप्पणियों के लिए आलोचना की। दरअसल, रामास्वामी ने कहा था कि हम इस्राइल को पूरी क्षमता से अपनी रक्षा करने से नहीं रोकेंगे। हम इस्राइल के समर्थक बने रहेंगे क्योंकि वे हमारे मित्र हैं। उन्होंने कहा था कि हमें यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि इस्राइल मजबूत हो ताकि ईरान का हौसला न बढ़े। 

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