पाकिस्तान की बताई जा रही थी यह कब्र।
- फोटो : social media
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक कब्र की तस्वीर वायरल हो रही थी। कब्र पर ताला लगा दिख रहा था। इस वायरल तस्वीर के साथ ये दावा किया जा रहा था कि ये पाकिस्तान की कब्र है। वहां के लोग अपनी बहन-बेटियों के दफ्न शवों को रेप से बचाने के लिए कब्रों पर ताला लगा रहे हैं। हालांकि इस खबर की पड़ताल की गई तो सच्चाई कुछ और ही निकली।
पाकिस्तान को बताया था कुंठित समाज
यह फोटो असल में लेखक हारिस सुल्तान ने ट्वीट की थी, जिसके बाद ये वायरल हो गई। इसमें उन्होंने इस तरह के काम करने के लिए कट्टरपंथी इस्लामवादी विचारधारा को दोषी ठहराया था। उन्होंने अपने ट्वीट में कब्र पर ताले वाली फोटो शेयर की थी और पाकिस्तान पर ‘यौन कुंठित समाज’ बनाने का आरोप लगाया था।
इसलिए लगाया गया ताला
ट्विटर हैंडल @Delhiite की तरफ से दावा किया गया है कि कब्र पाकिस्तान की नहीं बल्कि भारत की है। इसमें कहा गया कि हरे रंग की ग्रिल वाली ये तस्वीर भारत के तेलंगाना राज्य में स्थित हैदराबाद शहर की है। उन्होंने स्थानीय लोगों के हवाले से कहा कि कब्र पर इन ग्रिल्स और ताले का इस्तेमाल इसलिए किया गया था, ताकि कोई बिना अनुमति के पुरानी कब्रों पर शवों को न दफनाए। कब्र एक बूढ़ी औरत की थी जिसके बेटे ने ग्रिल लगाई थी।
वहीं, एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने एक वीडियो ट्वीट किया है। उन्होंने दावा किया कि ये कब्र असल में हैदराबाद की है और उसके ऊपर लगे जाल और ताले की सच्चाई कुछ और ही है।
हटाया पुराना ट्वीट
इस फोटो की सच्चाई सामने आने के बाद लेखक हारिस सुल्तान ने कहा कि वह अपने पहले के ट्वीट को हटा रहे हैं।
12 साल पहले मामला आया था सामने
बता दें, पाकिस्तान में 2011 में एक नेक्रोफिलिया का मामला सामने आया था, जब उत्तरी नजीमाबाद, कराची से मुहम्मद रिजवान नाम के एक कब्रिस्तान के गार्ड को 48 लाशों के साथ दुष्कर्म करने की बात कबूल करने के बाद गिरफ्तार किया गया था।