भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी द्वारा नियंत्रित कंपनी के शीर्ष अधिकारी विपुल अंबानी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में पीएनबी धोखाधड़ी के मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। अंबानी ने इस मामले में जमानत की मांग की है। अंबानी को सीबीआई ने पिछले महीने गिरफ्तार किया था। उसका आरोप है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने उसको गिरफ्तार करते समय तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया है।
विपुल अंबानी नीरव मोदी के नियंत्रण वाली फायरस्टार ग्रुप ऑफ कंपनी का प्रेसिडेंट (फाइनेंस) था। वह रिलायंस के संस्थापक स्व. धीरूभाई अंबानी का रिश्तेदार है। सीबीआई ने दावा किया था कि जब अंबानी को गिरफ्तार किया गया था तो उसे पीएनबी के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी द्वारा मोदी की कंपनी के पक्ष में जारी एलओयू के फर्जीवाड़े की जानकारी थी।
एफआईआर में आपराधिक विश्वासघात की जोड़ी गई धारा
सीबीआई ने मंगलवार को मुंबई की एक विशेष अदालत में कहा कि उसने पीएनबी धोखाधड़ी मामले में हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी की कंपनी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात की धारा भी जोड़ दी है। आईपीसी की इस धारा 409 (लोक सेवक, बैंकर, व्यापारी या एजेंट द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत अधिकतम सजा उम्र कैद है।
इसके अतिरिक्त एजेंसी ने चोकसी के स्वामित्व वाली कंपनी को धोखाधड़ी के जरिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करने के संबंध में तत्कालीन डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी को गिरफ्तार किया है।