मणिपुर के उखरुल जिले में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। चार उग्रवादियों की हत्या के बाद गुस्साई भीड़ ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद उखरुल और कामजोंग जिलों में तनाव तेजी से बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
जानकारी के मुताबिक, कामजोंग जिले के होंगबेई गांव में एक प्रतिद्वंद्वी समूह ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम के छह सदस्यों को ले जा रहे वाहन पर हमला किया। हमलावरों ने गोलीबारी की, जिसमें चार उग्रवादियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग बचकर निकलने में सफल रहे। इस घटना की खबर फैलते ही रविवार सुबह से इलाके में तनाव बढ़ गया।
क्या वजह रही दफ्तर जलाने की घटना?
पुलिस के अनुसार, गुस्साई भीड़ ने आरोप लगाया कि नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम के कुछ सदस्य इस हत्या में शामिल हैं। इसी आरोप के चलते लोग उखरुल स्थित संगठन के वुंग क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग करने लगे। हालात बिगड़ने पर भीड़ ने दफ्तर में आग लगा दी। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
क्या कहता है नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम का पक्ष?
संगठन ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि उसके मुख्यालय से किसी भी समूह या व्यक्ति के खिलाफ हमला करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम ने इस पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और कहा है कि दोषियों को सजा दी जाएगी।
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सीमा क्षेत्रों में क्यों बढ़ रहा है तनाव?
उखरुल और कामजोंग जिले नागालैंड और म्यांमार की सीमाओं से जुड़े हैं। इन इलाकों में पहले भी कई बार हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सीमा के खुले हिस्सों के कारण यहां उग्रवादी गतिविधियां ज्यादा देखने को मिलती हैं, जिससे स्थिति और संवेदनशील बनी रहती है।
सरकार और प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
स्थिति को देखते हुए राज्य के गृह मंत्री और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति बनाए रखना सबसे जरूरी है और विकास के लिए स्थिर माहौल जरूरी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
क्या पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं?
फरवरी से ही इस इलाके में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 11 मार्च को उखरुल में 21 लोगों को बंधक बना लिया गया था, जिन्हें बाद में बातचीत के बाद छोड़ा गया। लगातार हो रही घटनाओं के कारण इलाके में डर और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
क्या आगे और बढ़ सकता है तनाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा बल हालात पर नजर बनाए हुए हैं और शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
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