प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में यूडीएफ और एलडीएफ पर राज्य को लूटने के आरोप लगाए। इसका जवाब देते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रविवार को कहा कि जब राज्य को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब प्रधानमंत्री अनुपस्थित थे। खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और वामपंथी दल (सीपीएम) मिलकर काम कर रहे हैं।
आपदाओं के समय अपर्याप्त सहायता का आरोप
पवन खेड़ा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 2018 की विनाशकारी बाढ़ और हाल ही में वायनाड में हुए भूस्खलन के दौरान केरल को प्रधानमंत्री के ध्यान और समर्थन की जरूरत थी, लेकिन उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिली। खेड़ा के अनुसार 2018 में आई बाढ़ के दौरान राज्य को 35,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने केवल 600 करोड़ रुपये दिए।
इसी तरह हाल के भूस्खलन के लिए 2,219 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी, जबकि केंद्र सरकार ने केवल 250 करोड़ रुपये आवंटित किए। उन्होंने आरोप लगाया, "जब केरल को पीएम मोदी के ध्यान की आवश्यकता होती है, तो वह गायब रहते हैं। जब केरल में कोई संकट आता है, तो प्रधानमंत्री अदृश्य हो जाते हैं।"
पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों की वापसी पर उठाए सवाल
खेड़ा ने पश्चिम एशिया में फंसे केरल के लोगों की सुरक्षित वापसी के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की राजनीतिक सद्भावना का उपयोग करके फंसे हुए लोगों को वापस लाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास नहीं किया। यह टिप्पणी प्रधानमंत्री के उस बयान के जवाब में आई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया में युद्ध के प्रभाव को कम करने के लिए काम कर रही है।
भाजपा और सीपीएम पर जुड़वां होने का आरोप
कांग्रेस नेता ने भाजपा और सीपीएम को जुड़वां बताते हुए आरोप लगाया कि दोनों पार्टियां मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि टीम ए कौन है या टीम बी कौन है, लेकिन वे जुड़वां हैं। लोग दोनों को अस्वीकार कर देंगे।"
खेड़ा ने प्रधानमंत्री के इस दावे का जवाब देते हुए कि एनडीए केरल में ए टीम है, कहा कि ए का मतलब अनुपस्थित है। उन्होंने कहा, "भाजपा चुनावों से पहले अनुपस्थित रहती है और चुनावों के बाद भी अनुपस्थित रहेगी। वह केवल चुनावों के दौरान आती है।"
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