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Kultali Rape Murder: अंतिम संस्कार के लिए शव लाए जाने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पुलिस वाहन में की तोड़फोड़

Tue, 08 Oct 2024 03:23 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक बच्ची का शव नाले में मिलने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। अपहरण के बाद बच्ची की हत्या कर शव नाले में फेंका गया है।
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लोगों का भड़का गुस्सा - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
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कोलकाता में डॉक्टर रेप केस का गुस्सा नही थमा था कि पश्चिम बंगाल में एक बार फिर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। हाल ही में, दक्षिण 24 परगना जिले में 10 साल की बच्ची का कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को अंतिम संस्कार के लिए जब कुलताली में बच्ची का शव लाया गया तो लोगों का गुस्सा फूट गया। हजारों की संख्या में जुटे लोगों ने सड़कों को जाम कर दिया और पुलिस वाहन में तोड़फोड़ कर दी। 
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क्या है मामला?
पांच अक्तूबर को कक्षा चार की छात्रा ट्यूशन पढ़ने गई थी। जब बच्ची रात आठ बजे तक घर नहीं लौटी तो परिवार ने सब जगह तलाश की। बच्ची का जब कुछ पता नहीं लगा तो पुलिस को शिकायत दी गई। बाद में उसका शव नहर से मिला। कथित तौर पर बच्ची का दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। शव को कोलकाता के कांटापुकुर मुर्दाघर ले जाया गया और फिर कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार पोस्टमार्टम के लिए सोमवार सुबह नादिया जिले के कल्याणी के जेएनएम अस्पताल ले जाया गया।

हजारों संख्या में जुटे ग्रामीण
जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल से सोमवार रात लड़की का शव मिलने के बाद हजारों ग्रामीणों ने कुलताली के कृपाखली मोड़ पर विरोध-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं ने सुरक्षा की चिंता को लेकर सवाल उठाया। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही उन्होंने 'हमें न्याय चाहिए' के नारे लगाने शुरू कर दिए। 
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पुलिस चौकी की ओर मार्च करने की कोशिश 
एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने शव लेकर महिष्मारी पुलिस चौकी की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद वे कृपाखाली में एक घाट पर गए, जहां बच्ची के दाह संस्कार का इंतजाम किया जा रहा था। मगर, सड़क जाम कर रहे कुछ प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और उन्होंने पुलिस के वाहन पर पथराव किया, जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी बैठे थे।

पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन...
पुलिस अधिकारी ने ग्रामीणों को हटाने के लिए उन्हें समझाने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने साफ कह दिया कि उनका आंदोलन दुर्गा पूजा के दौरान जारी रहेगा। एक महिला कांस्टेबल ने मौके से जाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ कर दी और पथराव किया। हालांकि, वाहन की टूटी हुई खिड़की के साथ ही पुलिस दूसरे मार्ग से क्षेत्र छोड़ने में कामयाब रही। 

एक महिला कांस्टेबल की तबीयत बिगड़ी
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'वाहन के अंदर बैठी एक महिला कांस्टेबल की तबीयत बिगड़ गई थी। हमारे अनुरोध के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने वाहन में तोड़फोड़ की। हमें काफी उकसाने की कोशिश की गई, लेकिन हमने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस घटना के पीछे जो भी लोग हैं, उनकी पहचान की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।'

पुलिस पर भरोसा नहीं: सरदार
प्रदर्शन कर रहे निमाई सरदार ने आरोप लगाते हुए कहा, 'हमें पुलिस पर भरोसा नहीं है। अगर पुलिस कर्मचारी शनिवार शाम को सतर्कता दिखाते तो बच्ची को बचाया जा सकता था। अब वे मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।'



बच्ची के परिवार से मिलने के लिए आई जयनगर की सांसद प्रतिमा मंडल को भी विरोध का सामना करना पड़ा। उनके खिलाफ 'वापस जाओ' के नारे लगाए गए। कलकत्ता हाईकोर्ट ने रविवार को आदेश दिया था कि बरुईपुर अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की उपस्थिति में सोमवार सुबह एम्स कल्याणी में स्कूली छात्रा का पोस्टमार्टम किया जाए। एम्स कल्याणी में कुछ तकनीकी मुद्दे थे, जिसके कारण जेएनएम अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया था।
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