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Odisha Train Accident: जान गंवाने वालों के लिए ग्रामीणों ने कराया मुंडन, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना

Sun, 11 Jun 2023 04:31 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

आयोजन समिति के सदस्य जयकृष्ण सारंडी ने बताया कि हादसे के 11वें दिन सोमवार को विश्व शांति महायज्ञ, अष्टप्रहरी नाम संकीर्तन, अखंड गायत्री मंत्र का पाठ करेंगे। वहीं, श्रद्धांजलि सभा के अंतिम दिन मंगलवार को सत्संग और कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा।

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मुंडन। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे के 10 दिन बाद आसपास के क्षेत्र के लोग घायलों के शीघ्र स्वस्थ और मृतकों की मुक्ति के लिए प्रार्थना करने एकत्र हुए। दो जून को हुए हादसे में 288 लोगों की मौत हुई थी। जबकि, 1100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

कई संगठन और संस्थाएं हुईं शामिल

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मृतकों और घायलों के लिए प्रार्थना करने आए एक ग्रामीण ने बताया कि हम लोगों के अलावा शवों को निकालने और घायलों को बचाने में शामिल लोगों ने भी यहां कामना की। इसके अलावा हिंदू संस्कारों के अनुसार, मृत्यु के कारण हम सबने अपना मुंडन कराया। कई सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संस्थाओं-कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि सभा में भाग लिया। तीन दिवसीय सभा का आयोजन बहनागा हाई स्कूल परिसर के पास हुआ था, जहां शवों को भुवनेश्वर ले जाने तक रखा गया था।

 

अगले दो दिन इन कार्यक्रमों का होगा आयोजन
आयोजन समिति के सदस्य जयकृष्ण सारंडी ने बताया कि हादसे के 11वें दिन सोमवार को विश्व शांति महायज्ञ, अष्टप्रहरी नाम संकीर्तन, अखंड गायत्री मंत्र का पाठ करेंगे। वहीं, श्रद्धांजलि सभा के अंतिम दिन मंगलवार को सत्संग और कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा।

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एक हफ्ते बाद पिता से मिला व्यक्ति
ओडिशा ट्रेन हादसे के पीड़ित असम के 35 वर्षीय दुलाल मजूमदार भुवनेश्वर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में वेंटिलेटर पर लगभग एक सप्ताह बिताने के बाद अपने पिता से मिलकर भावुक हो गए। ओडिशा के बालासोर में बाहानगा बाजार के पास दो जून को हुए रेल हादसे में दुलाल के सिर में गंभीर चोट लगी थी और लगभग 48 घंटे बाद उन्हें बचाया गया था। दुलाल खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि दुर्घटना में बच गए।

क्या है पूरा मामला
असम के कार्बी आंगलोंग जिले के निवासी दुलाल को पांच जून को भुवनेश्वर स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था और अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा उचित तालमेल के कारण शनिवार को अपने पिता सुभाष से मिले। दुलाल का इलाज कर रहे एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि जब उन्हें यहां लाया गया तब उनके सिर में गंभीर चोट थी और स्थिति गंभीर थी। वह शुरू में होश में था, लेकिन भ्रमित था। उनका उचित इलाज किया गया। दुलाल की हालत अब स्थिर है और उसे एक वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। वह बोल रहा है, अपने पिता को पहचान है।

ओडिशा सरकार सभी खर्चों का करेगी वहन
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त सूर्यवंशी मयूर विकास ने बताया कि बालासोर ट्रेन हादसे में 288 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से 83 शवों की अब तक पहचान नहीं हुई है। विकास के मुताबिक, सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि कुछ शवों पर कई परिवार एक साथ दावा कर रहे हैं। इस परेशानी से निपटने के लिए हमने डीएनए सैंपलिंग की है और 30 डीएनए सैंपल्स को जांच के लिए दिल्ली एम्स भिजवा दिया है। रिपोर्ट आने में सात से आठ दिन करीब लग जाएंगे। भुवनेश्वर के डिप्टी कमिश्नर, प्रतीक सिंह ने बताया कि शवों को घरों तक ले जाने तक का खर्चा, डीएनए जांच का खर्चा सहित सभी खर्चों का वहन ओडिशा प्रशासन ही करेगा। परिजनों को इसके लिए चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।

इन राज्यों के हैं सबसे अधिक मृतक
पश्चिम बंगाल और ओडिशा प्रशासन ने साथ मिलकर एम्स भुवनेश्वर में हेल्पडेस्क की शुरुआत की है। एक अधिकारी ने बताया कि अधिकतर पीड़ित पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा राज्य के रहने वाले थे। सीबीआई, रेलवे सुरक्षा कमिश्नर और जीआरपी ने ट्रेन हादसे की जांच शुरू कर दी है। खुर्दा डीआरएम रिंकेश रॉय को आशंका है कि उपकरणों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिस वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया। 

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