आयोजन समिति के सदस्य जयकृष्ण सारंडी ने बताया कि हादसे के 11वें दिन सोमवार को विश्व शांति महायज्ञ, अष्टप्रहरी नाम संकीर्तन, अखंड गायत्री मंत्र का पाठ करेंगे। वहीं, श्रद्धांजलि सभा के अंतिम दिन मंगलवार को सत्संग और कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा।
ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे के 10 दिन बाद आसपास के क्षेत्र के लोग घायलों के शीघ्र स्वस्थ और मृतकों की मुक्ति के लिए प्रार्थना करने एकत्र हुए। दो जून को हुए हादसे में 288 लोगों की मौत हुई थी। जबकि, 1100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
कई संगठन और संस्थाएं हुईं शामिल
अगले दो दिन इन कार्यक्रमों का होगा आयोजन
आयोजन समिति के सदस्य जयकृष्ण सारंडी ने बताया कि हादसे के 11वें दिन सोमवार को विश्व शांति महायज्ञ, अष्टप्रहरी नाम संकीर्तन, अखंड गायत्री मंत्र का पाठ करेंगे। वहीं, श्रद्धांजलि सभा के अंतिम दिन मंगलवार को सत्संग और कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा।
ओडिशा सरकार सभी खर्चों का करेगी वहन
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त सूर्यवंशी मयूर विकास ने बताया कि बालासोर ट्रेन हादसे में 288 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से 83 शवों की अब तक पहचान नहीं हुई है। विकास के मुताबिक, सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि कुछ शवों पर कई परिवार एक साथ दावा कर रहे हैं। इस परेशानी से निपटने के लिए हमने डीएनए सैंपलिंग की है और 30 डीएनए सैंपल्स को जांच के लिए दिल्ली एम्स भिजवा दिया है। रिपोर्ट आने में सात से आठ दिन करीब लग जाएंगे। भुवनेश्वर के डिप्टी कमिश्नर, प्रतीक सिंह ने बताया कि शवों को घरों तक ले जाने तक का खर्चा, डीएनए जांच का खर्चा सहित सभी खर्चों का वहन ओडिशा प्रशासन ही करेगा। परिजनों को इसके लिए चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।
इन राज्यों के हैं सबसे अधिक मृतक
पश्चिम बंगाल और ओडिशा प्रशासन ने साथ मिलकर एम्स भुवनेश्वर में हेल्पडेस्क की शुरुआत की है। एक अधिकारी ने बताया कि अधिकतर पीड़ित पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा राज्य के रहने वाले थे। सीबीआई, रेलवे सुरक्षा कमिश्नर और जीआरपी ने ट्रेन हादसे की जांच शुरू कर दी है। खुर्दा डीआरएम रिंकेश रॉय को आशंका है कि उपकरणों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिस वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया।