आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला कुख्यात बदमाश विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है। विकास को यूपी एसटीएफ कानपुर ला रही थी। कानपुर जिले से दो किलोमीटर दूर एसटीएफ की गाड़ी पलट गई। जिसके बाद विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में विकास की मौत हो गई।
दो दिन नोएडा में रुका था विकास
गिरफ्तारी से पहले विकास दुबे दो दिन नोएडा और एक दिन राजस्थान के कोटा में रुका था। विकास दुबे से पूछताछ के बारे में जानकारी रखने वाले अधिकारियों में से एक ने कहा कि वह 5 और 6 जुलाई को नोएडा में था और फिर 8 तारीख को कोटा चला गया। वह रातभर वहां रहा और फिर उज्जैन पहुंचा था।
साधारण कपड़ों में था विकास दुबे
उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए पहुंचा विकास एकदम साधारण कपड़ों में था। उसने लोअर और टी-शर्ट पहन रखी थी। उसके पैरों में लिबर्टी की काली चप्पल थी। वह लंगड़ाकर चल रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे उसके पैरों में चोट लगी हो। महाकाल मंदिर में दर्शन से पहले भी विकास दुबे किसी तरह के तनाव में नहीं था।
फ्रेश मूड में था गैंगस्टर
जूता स्टैंड पर ड्यूटी दे रहे गोपाल सिंह कुशवाहा के मुताबिक, वह फ्रेश मूड में ही दर्शन करने आया था। ऐसा लग रहा था, जैसे वह यहां के माहौल से पूरी तरह परिचित है। उसके चेहरे पर किसी लंबे सफर की थकान भी नजर नहीं आ रही थी। ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वह फरीदाबाद से उज्जैन आया है। ऐसा लग रहा था, जैसे उसने उज्जैन में ही आराम किया हो।
मीडियाकर्मी दिनभर तलाशते रहे आखिर कहां गया गैंगस्टर
विकास दुबे की हिरासत को पुलिस ने गोपनीय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उसे महाकाल मंदिर चौकी से सुबह 9:30 बजे लेकर पुलिसकर्मी रवाना हुए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसे पीटीएस में रखा गया था।