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उज्जैन से कानपुर तक, विकास दुबे के एनकाउंटर की कहानी, जानिए रास्ते में कब क्या हुआ

Fri, 10 Jul 2020 11:36 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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- फोटो : AMAR UJALA
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उत्तर प्रदेश के आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है। उसे कल मध्यप्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद यूपी एसटीएफ उसे कानपुर ला रही थी। कानपुर जिले से दो किलोमीटर दूर एसटीएफ की गाड़ी पलट गई। जिसके बाद विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विकास को मुठभेड़ में मार गिराया। 

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एनकाउंटर में विकास दुबे की मौत - फोटो : अमर उजाला
उज्जैन से कानपुर ले जा रही थी एसटीएफ की टीम
यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को उज्जैन से ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी। लेकिन सुबह 6:30 बजे काफिले की एक कार पलट गई। विकास उसी गाड़ी में बैठा था। हादसे के बाद उसने पुलिस टीम से पिस्टल छीनकर हमला करने की कोशिश की। 

विकास के सीने और कमर में लगी गोली
जवाबी कार्रवाई में बुरी तरह जख्मी हुआ विकास
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें विकास बुरी तरह जख्मी हो गया। उसे सीने और कमर में दो गोली लगीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसे सुबह 7 बजकर 55 मिनट पर मृत घोषित कर दिया। कानपुर रेंज के आईजी ने विकास के मारे जाने की पुष्टि की। विकास दुबे को गुरुवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था।

विकास ने घायल पुलिसवाले की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की - फोटो : अमर उजाला
पुलिसवाले की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की
एसपी कानपुर वेस्ट का कहना है कि कार के पलट जाने के बाद विकास ने घायल पुलिसवाले की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की थी। पुलिस ने उसे सरेंडर करने को कहा लेकिन उसने एक पुलिसकर्मी पर गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया। बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। यह बयान विकास को मृत घोषित किए जाने से पहले का है।

आठ पुलिसकर्मियों की मौत का गुनहगार था विकास
सामने आया विकास का आखिरी वीडियो
विकास दुबे को मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश लाते समय उसका एक वीडियो सामने आया है। यूपी एसटीएफ की टीम जिस कार में विकास दुबे को यूपी ला रही थी उसे आखिरी बार रात के समय एक टोल प्लाजा से गुजरते हुए देखा गया था। 

महाकाल का भक्त था विकास दुबे - फोटो : ANI
महाकाल का भक्त था विकास दुबे
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे महाकाल का भक्त था। हर दिन वो दो घंटे पूजापाठ करता था। उसे यकीन हो गया था कि यूपी पुलिस के हत्थे चढ़ा तो वह मार दिया जाएगा। शायद इसीलिए आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने के बाद विकास महाकाल की शरण में पहुंच गया था।

विकास को था अपने किए पर पछतावा - फोटो : amar ujala
मंदिर परिसर में बैठकर रोया था विकास
उज्जैन पुलिस की पूछताछ में उसने खुलासा भी किया था कि मंदिर परिसर पहुंचकर वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा था। पूछताछ में विकास ने कहा कि महाकाल की शरण में आने के बाद मैं मंदिर परिसर में बैठकर बहुत रोया हूं। साथ ही बोला कि मुझे किए पर अफसोस है। 

आठ पुलिसकर्मियों की मौत के सबूत मिटाना चाहता था विकास - फोटो : अमर उजाला
सबूत मिटाना चाहता था विकास
विकास से पूछताछ कर रही पुलिस उस वक्त हैरत में पड़ गई जब वह बोला कि मुझे पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने और उन्हें मौत के घाट उतारने पर मजबूर किया गया। विकास ने यह भी कबूला कि आठ पुलिसकर्मियों की मौत के बाद हम लोग सबूत भी मिटाना चाहते थे, इसलिए पुलिसकर्मियों के शव जलाने की फिराक में थे। शव जलाने के लिए हम तेल भी लाए थे।
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पुलिसकर्मियों के शवों को जलाना चाहता था विकास
पुलिसकर्मियों के शवों को जलाना चाहता था विकास
विकास ने कहा था कि उस वक्त पुलिस बल न आता तो आठों के शव जला भी देता। विकास ने बताया कि घटना से पहले मैंने अपने साथियों को हथियार के साथ बुलाया था और वारदात के बाद सभी को अलग-अलग भागने को कहा। 
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