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पद्मभूषण विजयपत सिंघानिया का निधन: 87 वर्षीय दिग्गज ने ली अंतिम सांस, 20 साल रेमंड ग्रुप प्रमुख रहे; खास बातें

Sat, 28 Mar 2026 11:47 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय उद्योग जगत के दिग्गज और रेमंड ग्रुप को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पूर्व चेयरमैन 87 वर्षीय विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल बिजनेस जगत, बल्कि एविएशन की दुनिया में भी शोक की लहर है।
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विजयपत सिंघानिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रेमंड समूह के पूर्व अध्यक्ष विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे, समूह के वर्तमान अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गौतम सिंघानिया ने 'एक्स' पर निधन की जानकारी दी। रेमंड समूह के प्रवक्ता ने बताया कि विजयपत सिंघानिया का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा।

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विजयपत सिंघानिया को साल 2006 में भारत के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया था। वह एक उत्साही विमान चालक के रूप में भी जाने जाते थे। उन्होंने गर्म हवा के गुब्बारे में सर्वाधिक ऊंचाई हासिल करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने वर्ष 1980 से 2000 तक दो दशकों तक रेमंड का अध्यक्ष पद संभाला। कंपनी की बागडोर गौतम को सौंपने के बाद उन्होंने अपनी पूरी 37 फीसदी हिस्सेदारी बेटे को हस्तांतरित कर दी थी।
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पारिवारिक संबंध और विरासत
विजयपत सिंघानिया ने जेके सिंघानिया की रखी गई नींव को सींचकर रेमंड को 12,000 करोड़ रुपये का साम्राज्य बनाया। उनके नेतृत्व में द कंप्लीट मैन विज्ञापन ने भारतीय परिवारों के दिलों में जगह बनाई। यह ब्रांड भारत से निकल कई देशों तक फैला। विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे गौतम के बीच कुछ वर्षों पहले कानूनी विवाद उत्पन्न हुए थे। हालांकि, बाद में दोनों ने इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया था। विजयपत सिंघानिया ने रेमंड को एक प्रमुख ब्रांड बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी विरासत में व्यापारिक कौशल और साहसिक उपलब्धियां दोनों शामिल हैं।

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विजयपत सिंघानिया को एयर कमोडोर की मानद उपाधि से नवाजा गया। वे एक ऐसे दूरदर्शी थे, जिन्होंने भारतीय कपड़ों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया। उनका जाना एक युग का अंत है। उन्होंने एक हालिया साक्षात्कार में कहा था, मैंने अपना सब कुछ जुनून और ईमानदारी के साथ जिया है। आज वे अपने पीछे व्यापारिक कुशलता और अदम्य साहस की एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

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