बैंकों को हजारों करोड़ रुपये का चूना लगाकर विदेश भागने वाला कारोबारी ने गुरुवार को कई ट्वीट करके बैकों की बकाया राशि का भुगतान करने की बात दोहराई है। यह प्रतिक्रिया लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद आई है। इससे लग रहा है कि वह जेल जाने से डर गया है क्योंकि ब्रिटेन की अदालत उसे भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला सुना चुकी है। इसी सिलसिले में माल्या ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए।
माल्या ने पहले ट्वीट में कहा, 'प्रधानमंत्री ने बुधवार को संसद में जो आखिरी भाषण दिया उसे मैंने सुना। वह निश्चित तौर पर एक वाक्पटु वक्ता हैं। मैंने नोटिस किया कि उन्होंने बिना नाम लिए उस शख्स का जिक्र किया जो 9,000 करोड़ रुपये लेकर भाग गया। मीडिया में कही गई बातों से मैं अंदाजा लगा सकता हूं कि उनका इशारा मेरी तरफ था।'
दूसरे ट्वीट में कारोबारी ने कहा, 'मेरे पहले ट्वीट के बाद मैं आग्रहपूर्वक प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि वह बैंको को मुझसे पैसा लेने का आदेश क्यों नहीं दे रहे हैं। जबकि मैं जनता के पूरे पैसे चुकाने के लिए तैयार हूं जो किंशफिशर ने लिए थे।'
तीसरे ट्वीट में उन्होंने कहा, 'मैंने बकाया राशि का भुगतान करने का ऑफर माननीय कर्नाटक हाईकोर्ट के सामने रखा है। इसे आप खारिज नहीं कर सकते हैं। यह पूरी तरह से वास्तविक, गंभीर, ईमानदार और तत्काल हासिल करने वाली पेशकश है। गेंद अब आपके पाले में है। आखिर बैंक वह पैसा वापस क्यों नहीं ले लेते जो उन्होंने किंशफिशर को दिया था?'
चौथे ट्वीट में उन्होंने कहा, 'मुझे मीडिया में आए प्रवर्तन निदेशालय के उस दावे को लेकर बातचीत करने में काफी पीड़ा हो रही है जिसमें कहा गया था कि मैंने अपनी संपत्ति छुपाई है। यदि मैंने संपत्ति छुपाई है तो मैं अदालत के सामने खुले तौर पर 14,000 करोड़ रुपये की संपत्ति कैसे रख सकता हूं? लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है लेकिन यह चौंकाने वाला नहीं है।'