बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपया डकार कर विदेश भागे शराब करोबारी विजय माल्या की राज्यसभा सदस्यता भी खतरे में पड़ गई है। एक हफ्ते में अगर विजय माल्या राज्यसभा की एथिक्स कमेटी के सामने पेश होकर अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो उनकी सदस्यता रद की जा सकती है।
सोमवार को हुई राज्यसभा की एथिक्स कमेटी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। करण सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में ज्यादातर सदस्यों ने कहा विजय माल्या का रवैया देश के संविधान के प्रति सही नहीं है। उन पर लगे आरोपों से राज्यसभा की गरिमा भी प्रभावित हो रही है। इसलिए जल्द से जल्द उनकी सदस्यता समाप्त कर देनी चाहिए।
हालांकि बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि विजय माल्या को अपना पक्ष रखने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाना चाहिए। अगर हफ्तेभर के अंदर माल्या एथिक्स कमेटी के सामने पेश होकर अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो उनकी सदस्यता रद कर दी जाएगी।
बता दें कि यूबी ग्रुप के चेयरमैन विजय माल्या साल 2010 से राज्यसभा के सदस्य हैं। भाजपा और जदएस के सहयोग से राज्यसभा सदस्य बने माल्या का कार्यकाल इसी साल जुलाई में समाप्त हो रहा है। इससे पूर्व वह कांग्रेस और जेडीएस के सहयोग से 2002 में भी राज्यसभा सदस्य बन गए थे।