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विधानसभा चुनाव परिणाम 2018: भाजपा, कांग्रेस दोनों मध्यप्रदेश में सरकार बनाने की तलाश रही हैं संभावना

Tue, 11 Dec 2018 03:42 PM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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मध्यप्रदेश में सरकार बनाने की कवायद तेज - फोटो : Amar Ujala
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भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों की निगाह मध्यप्रदेश में चुनाव के नतीजे पर टिकी है। राज्य में दोनों ही दलों में कांटे की टक्कर बनी हुई है। कांग्रेस पार्टी के मध्यप्रदेश में प्रचार अभियान के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जहां राज्य में नतीजों के रुझान को पार्टी के पक्ष में जनता का जनादेश बताया है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी यूपीए चेयरपर्सन के आवास पर 10 जनपथ पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि गोवा, मणिपुर और कर्नाटक की तर्ज पर मध्यप्रदेश समेत दोनों प्रमुख राज्य में सरकार बनाने की कोशिशों को तेज कर सकते हैं।

बसपा-सपा हो सकती है किंग मेकर

मध्यप्रदेश में बसपा करीब चार सीटों पर आगे चल रही है। एक सीट समाजवादी पार्टी के पाले में जाती दिखाई दे रही है। एक सीट पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, एक सीट पर बहुजन संघर्ष दल और चार निर्दल भी बढ़त बनाए हैं। ऐसे में बसपा-सपा की किंग मेकर के रूप में भूमिका काफी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल बसपा को अपने पाले में करने की पहल तेज कर सकते हैं।
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इसके लिए कांग्रेस जहां यूपीए चेयरपर्सन का सहारा ले सकती है, वहीं भाजपा राज्य में सरकार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशों पर चल सकती है। माना जा रहा है कि यदि भाजपा और कांग्रेस के बीच में एक-दो सीट का अंतर रहता है तो दोनों दल राज्य में सरकार बनाने के लिए पूरा जोर लगा सकते हैं। ताजा स्थिति में कांग्रेस के पाले में 109 और भाजपा के पाले में 110 सीटें हैं। 

छत्तीसगढ़, राजस्थान कांग्रेस के पास

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। राजस्थान में कांग्रेस 102 सीटों पर बढ़त बनाए है। भाजपा 72 सीटों पर बढ़त बनाए है। कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के लिए आश्वस्त हैं। इसके बाद भी अशोक गहलोत का कहना है कि राज्य में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद भी सरकार अन्य दलों और निर्दलीय सहयोगियों का स्वागत करेगी कि वे साथ आएं और राजस्थान में सबको साथ लेकर चलने वाली मजबूत सरकार गठित हो सके। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने भाजपा को जोरदार पटखनी दी है। 90 विधानसभा सीटों वाले राज्य में भाजपा 15 तो कांग्रेस 66 सीटों पर बढ़त बनाए है। 9 सीट पर निर्दल जीत की ओर अग्रसर हैं। 

तेलंगाना में महागठबंधन फेल और मिजोरम में एमएनएफ ने मारी बाजी

तेलंगाना में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का फैसला सही साबित हुआ। समय से पहले चुनाव कराकर चंद्रशेखर राव की पार्टी ने 119 सीटों वाले तेलंगाना में 87 सीटों पर जीत की ओर है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला महागठबंधन 22 सीटों पर सिमट रहा है। आठ सीटों पर अन्य उम्मीदवार जीत या बढ़त बनाए हैं। मिजोरम में कांग्रेस कुछ खास नहीं कर पाई। 40 सीटों वाले मिजोरम में एमएनएफ के खाते में 26 सीट, कांग्रेस पांच, भाजपा एक और अन्य के खाते में आठ सीट जाती दिखाई दे रही है। 
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