इससे पहले भी कोचर के खिलाफ वीडियोकॉन को लोन देने में फायदा उठाने के आरोपों की जांच चल रही है। इस मामले में सीबीआई ने अपनी आरंभिक जांच के तहत कुछ आईसीआईसीआई बैंक अधिकारियों से पूछताछ की है। सीबीआई इस बात का पता लगा रही है कि साल 2012 में वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए 3,250 करोड़ रुपए के लोन में बैंक किसी तरह की गड़बड़ी में शामिल है या नहीं। सीबीआई लेनदेन के जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन कर रही है।
कानून अपना काम करेगा: गोयल
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आईसीआईसीआई बैंक में कुनबापरस्ती बरते जाने के मामले में कहा कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक एक अच्छा बैंक है, इसमें प्रक्रिया काफी मजबूत हैं।
इससे जुड़े किसी भी व्यक्ति को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। जहां तक कानून की बात है, कानून अपना काम करेगा और इस संबंध में प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। यह प्रक्रिया आईसीआईसीआई बैंक में आंतरिक तौर पर भी चल रही है और बाहर भी चल रही है। ये रिपोर्टे जल्द ही उपलब्ध होंगी।
कंपनियों पर सरकार की नजर
मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (एमसीए) की आईसीआईसीआई बैंक की चीफ चंदा कोचर के कुछ लेनदारों के साथ डीलिंग में कथित हितों के टकराव से संबंधित मामले से जुड़ी कंपनियों पर पूरी नजर है।
एमसीए के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक के मामलों पर मिनिस्ट्री द्वारा गौर नहीं किया जा रहा है, क्योंकि यह पूरी तरह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के अधिकार क्षेत्र में आता है।
एमसीए के एक सीनियर अफसर ने कहा था कि मिनिस्ट्री उन कंपनियों से जुड़े फ्रॉड, प्राथमिकता देते या कम मूल्य पर ट्रांजैक्शंस से संबंधित आरोपों पर विचार कर रही है, जो आईसीआईसीआई मामले के बाद विवादों में आई थीं। हालांकि अधिकारी ने कंपनियों से जुड़ी डिटेल्स का खुलासा नहीं किया, जो मिनिस्ट्री के रडार पर हैं।