भारतीय सेना ने बांग्लादेश की आजादी में जो सहयोग और बलिदान दिया उसके लिए हम हमेशा आभारी रहेंगे। बांग्लादेश की मुक्ति के लिए जिन्होंने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह बात आज भारतीय सेना के पूर्वी मुख्यालय में शुरू हुए 51वें विजय दिवस समारोह में बांग्लादेश से हिस्सा लेने आए लेफ्टिनेंट कर्नल क्यूएसए जहीर (सेवानिवृत्त) और मोहम्मद अब्दुल हई ने कही।
इस दौरान बांग्लादेश के मुक्ति योद्धाओं ने पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए अत्याचारों और बांग्लादेश की जनता द्वारा किए गए प्रतिरोध और हमारे गौरान्वित दिग्गजों ने भी अपने अनुभव साझा किए। दोपहर बाद भारतीय सेना के जवानों ने साहसिक करतब और रंगारंग कार्यक्रम करके सबका मन मोह लिया।
बांग्लादेश के 29 मुक्तियोद्धा अपने परिवारों के साथ एक प्रतिनिधमंडल 51वें विजय दिवस पर शामिल होने कल ही कोलकाता पहुंचे हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल काजी सज्जाद अली जहीर (सेवानिवृत्त), प्रतिनिधिमंडल के नेता और बांग्लादेश सेना के छह सेवारत अधिकारियों सहित साठ सदस्यीय बांग्लादेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल महबूबुर राशिद कर रहे हैं।
इस दौरान 1971 के भारतीय सेना के युद्ध के दिग्गजों ने बताया कि कैसे बहादुर मुक्तियोद्धाओं ने गाइड, अनुवादकों के रूप में काम किया। किस तरह से पाकिस्तानियों को धूल चटाई और उनको 93,000 सैनिकों को आत्म समर्पण के लिए मजबूर किया। कर्नल बीकेडी बैजल, वीआरसी (सेवानिवृत्त), वाइस एडमिरल बिमलेंदु गुहा, पीवीएसएम, एवीएसएम (सेवानिवृत्त) और वॉर रिपोर्टर अभिजीत दासगुप्ता ने भी अपने-अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर प्रसिद्ध पार्श्व गायक सोमचंदा भट्टाचार्य ने हिंदी और बांग्ला में देशभक्ति गीत गाकर सबका दिल जीत लिया।
विजय दिवस: दोनों देशों के युवाओं को प्रेरित करता रहेगा: कलिता
कार्यक्रम के अंत में भारतीय सेना के पूर्वी सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता, 1971 के दौरान सम्मानित वक्ताओं, दिग्गजों और मुक्तियोद्धांओं को योगदान के लिए धन्यवाद दिया। इस दौरान पूर्वी सेना कमांडर ने लेफ्टिनेंट कर्नल काज़ी सज्जाद अली, जहीर, बीपी, एसपी, पद्म श्री (सेवानिवृत्त), मोहम्मद अब्दुल हई, मेजर जनरल मोहम्मद महबूब रशीद, कर्नल बीकेडी बैजल, वीआरसी (सेवानिवृत्त), वाइस एडमिरल बिमलेंदु गुहा, पीवीएसएम, एवीएसएम (सेवानिवृत्त) और अभिजीत दासगुप्ता को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल के वरिष्ठ और नेता ने पूर्वी सेना के कमांडर को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता, ने विश्वास व्यक्त किया कि विजय दिवस समारोह भारत के साथ-साथ बांग्लादेश की अगली पीढ़ी के युवाओं को प्रेरित करता रहेगा और दोस्ती का बंधन लगातार बढ़ता रहेगा।