उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के बी सुदर्शन रेड्डी उम्मीदवार हैं। गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राधाकृष्णन के पक्ष में प्रचार तेज कर दिया है, जबकि विपक्ष अभी एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार तय हो चुके हैं। संसद भवन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता अपने-अपने उम्मीदवार को मजबूत बनाने में लगे रहे। सहयोगियों से बातचीत का सिलसिला जारी है। कांग्रेस के नेता जयराम रमेश कहते हैं कि यह चुनाव रोचक होगा। हालांकि, आंकड़े एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के पक्ष में हैं।
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गृहमंत्री अमित शाह जीत को बड़ा बनाने में जुटे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीपी राधाकृष्णन के समर्थन में प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। संसद भवन में लगातार बैठकों का दौर जारी है। भाजपा सहयोगी दलों के अलावा कई विपक्षी दलों के नेताओं के भी संपर्क में है। सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का कहना है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में पिछले चुनाव की अपेक्षा सीपी राधाकृष्णन को काफी अधिक वोट मिलने का अनुमान है। सूत्र का कहना है कि सांसद अपनी आत्मा की आवाज सुनकर राधाकृष्णन के लिए पार्टी लाइन से ऊपर उठकर वोट करेंगे। भाजपा के सांसद जगदंबिका पाल कहते हैं कि राजनीतिक और विचारधारा की मजबूरी में विपक्ष ने उम्मीदवार भले उतार दिया है, लेकिन जीत एनडीए के उम्मीदवार की होगी। पाल कहते हैं कि एनडीए का उम्मीदवार पिछले चुनाव की तुलना में अधिक अंतर से जीतेगा। इसकी वजह है। सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं। इसके अलावा एनडीए के पास संख्या बल है। इसके सामानांतर विपक्ष में आपस में ही एक प्रतिस्पर्धा चल रही है।
विपक्ष एकजुटता बनाने में लगा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्ष के सांसदों से एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बी सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी विपक्ष की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। खरगे ने कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी इस पद पर बैठकर लोकतंत्र की रक्षा के साथ-साथ देश को न्याय और एकता की नई दिशा देंगे। विपक्ष के नेताओं ने इसके बाबत संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में बैठकर चर्चा की। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी बी. सुदर्शन रेड्डी को मजबूत उम्मीदवार बताया। राज्य सभा सांसद संजय सिंह, मनोज झा समेत अन्य को उपराष्ट्रपति का चुनाव रोचक होने की उम्मीद है।