राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने शुक्रवार को संसद की संयुक्त बैठक में अपना अभिभाषण दिया। इसमें उन्होंने कुंभ में बीते दिनों मचे भगदड़ पर दुख जताया। इसी सिलसिले में जब राज्यसभा में उपराष्ट्रपि जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को अंग्रेजी में पढ़ा तब विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी और 'शर्म करों शर्म करों' के नारे भी लगाए। साथ ही इससे पहले, जब राष्ट्रपति ने अपने भाषण में पूर्वोत्तर राज्यों के बारे में बात की, तो कुछ विपक्षी सांसदों ने 'मणिपुर, मणिपुर' के नारे भी लगाए।
राष्ट्रपति का अभिभाषण
बता दें कि संसद की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपना अभिभाषण दिया। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ में हुई भगदड़ का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना बहुत दुखद है और उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस घटना में लोगों की मौत पर दुख प्रकट किया।
महाकुंभ भगदड़ पर एक नजर
गौरतलब है कि बीते मौनी अमावस्या के दिन, महाकुंभ के दौरान पवित्र स्नान के लिए भारी संख्या में लोग संगम पर पहुंचे थे। इसी दौरान भगदड़ हुई, जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 60 अन्य घायल हो गए।
पहले व्यवधान दौर पर की बात
वहीं उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को बजट सत्र की शुरुआत होने से पहले कहा कि संसद में व्यवधान का दौर खत्म करके सार्थक चर्चा की राह बनाई जानी चाहिए। राष्ट्रीय महिला आयोग के 33वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश को ऐसे विपक्ष की जरूरत है, सहयोगी और सार्थक हो। उपराष्ट्रपति ने कहा कि 'संसद में ज्यादा चर्चा और बहस होनी चाहिए न कि उसे बाधित किया जाए।
लोकसभा में पेश हुआ आर्थिक सर्वेक्षण
पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया, जिसके तहत राष्ट्रीय खातों के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत की वास्तविक GDP में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में कहा गया है कि हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में वृद्धि 6.3 से 6.8 प्रतिशत के बीच होगी। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, रबी की अच्छी पैदावार से वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में खाद्य कीमतों पर लगाम लगने की संभावना है।