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Parliament: डेरेक ओ ब्रायन ने केंद्र पर कसा तंज, कहा- इस बार भी लोकसभा में नहीं होगी उपाध्यक्ष की नियुक्ति

Fri, 31 Jan 2025 03:16 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि लोकसभा में अब तक उपाध्यक्ष की नियुक्ति नहीं की गई है। बजट सत्र में भी नियुक्ति नहीं की जाएगी। संसद सत्र में यह देखना खास होगा कि क्या विपक्ष राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ एक और महाभियोग प्रस्ताव लाता है। 
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डेरेक ओ ब्रायन,सांसद, टीएमसी - फोटो : ANI
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने शु्क्रवार को संसद का बजट सत्र शुरू होने से पहले केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में अब तक उपाध्यक्ष की नियुक्ति नहीं की गई है। बजट सत्र में भी नियुक्ति नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने पिछले संसद सत्र में उपराष्ट्रपति के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को लेकर बयान दिया। 

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उन्होंने कहा कि इस संसद सत्र में यह देखना खास होगा कि क्या विपक्ष राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ एक और महाभियोग प्रस्ताव लाता है। इसके अलावा ब्रायन ने महाकुंभ, बजट, विधेयकों, वक्फ बिल, सदन में सबसे ज्यादा बोलने समेत तमाम मुद्दे उठाए।

सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि संसद के बजट सत्र में अगले कुछ दिनों में दो प्रमुख महिलाओं के भाषण समाचारों में छाए रहेंगे। सबसे पहले राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। अगले दिन केंद्रीय वित्त मंत्री अपना बजट भाषण पढ़ेंगी।  प्रमुख महिलाओं की बात करें तो छह सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से तृणमूल कांग्रेस में सबसे ज्यादा 39 प्रतिशत महिला सांसद हैं। इसके विपरीत तेलुगू देशम पार्टी में 6 प्रतिशत महिला सांसद हैं। भाजपा में 13 और कांग्रेस, द्रमुक और सपा में 14-14 प्रतिशत महिला सांसद हैं।
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उन्होंने पीएम मोदी के भारत में लाइव कॉन्सर्ट की व्यापक संभावनाएं हैं वाले बयान पर कहा कि संसद में किस पर सबसे अधिक चर्चा होगी, भारत में कोल्डप्ले कॉन्सर्ट पर या महाकुंभ में भगदड़ में हुई मौतों पर। 

17वीं लोकसभा में नहीं था कोई उपाध्यक्ष
सांसद डेरेक ओ ब्रॉयन ने ब्लॉग में लिखा कि 17वीं लोकसभा (2019-24) में भाजपा बहुमत के साथ सत्ता में थी। लेकिन सदन में कभी उपाध्यक्ष नहीं था। 18वीं लोकसभा में भी कुछ नहीं बदला है। अभी भी उपाध्यक्ष का कोई संकेत नहीं है। मैं शर्त लगा सकता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन आगामी सत्र के दौरान भी इस महत्वपूर्ण सांविधानिक पद को नहीं भर पाएगा।

धनखड़ पर किया कटाक्ष 
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति धनखड़ पर राज्यसभा सांसद ने कटाक्ष किया। टीएमसी नेता ने कहा कि संसद के पिछले सत्र में विधेयकों और संविधान पर चर्चा को छोड़कर राज्यसभा के सभापति ने साढ़े चार घंटे या सदन के समय का लगभग 30 प्रतिशत समय बोला। यह एक रिकॉर्ड था। क्या यह रिकॉर्ड टूटेगा?  वहीं इतिहास में पहली बार, राज्यसभा के सभापति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया। तकनीकी अनियमितता के आधार पर प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। क्या विपक्ष एक नया प्रस्ताव पेश करेगा? प्रतीक्षा करें और देखें।

घट गई संसदीय समितियों को विधेयक भेजने की संख्या
सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि 15वीं लोकसभा (2009-14) में 10 में से सात विधेयक संसदीय समितियों को जांच के लिए भेजे गए थे। 17वीं लोकसभा (2019-24) में यह संख्या घटकर 10 में से केवल दो विधेयक रह गई। 18वीं लोकसभा में इसमें सुधार होने की संभावना नहीं है। सांसद ने दिल्ली चुनाव से पहले वक्फ विधेयक को पारित करने की अटकलों को भी खारिज किया।

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