विश्व हिंदू परिषद की टीम ने रविवार को विस्थापित परिवारों की तीसरी सूची जारी की है। पदाधिकारियों का दावा है कि शाहगंज के चिल्लीपाड़ा और कोल्हाईपाड़ा क्षेत्र से 48 परिवार पलायन कर गए। एक धर्मस्थल फैक्ट्री में बदल गया और सिंधी समाज की धर्मशाला और पाठशाला पर ताले लग गए हैं।
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विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर और उनकी टीम ने रविवार को शाहगंज इलाके का सर्वे किया। इन दोनों मोहल्लों में पंजाबी, सिंधी, ब्राह्मण और प्रजापति समाज के लोग रहते थे। धीरे-धीरे क्षेत्र का माहौल ऐसा बदला कि कुछ लोग पलायन कर गए। इसके बाद अन्य समाज के लोगों ने भी घर बेचकर जाना शुरू कर दिया। पंजाबी समाज का धर्मस्थल भी शिफ्ट करना पड़ा, जो अब साकेत कालोनी में है।
भाजपा नेता हेमंत भोजवानी बताते हैं कि वहां सिंधी समाज की धर्मशाला में वर्षों से ताला लगा है। अब कोई वहां कोई सामाजिक कार्य नहीं होते। एक विद्यालय था वह भी बंद कर दिया गया है। अन्य वर्ग के लोग भी धीरे-धीरे वहां पलायन कर गए।
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सुनील पाराशर ने बताया कि चाणक्यपुरी निवासी अशोक कुमार के परिवार के बुजुर्ग पाकिस्तान से आए थे। उन्होंने चिल्लीपाड़ा में 7,200 रुपये में मकान खरीदा था। अब उन्हें मकान छोड़ना पड़ा। प्रांत सह संयोजक राकेश त्यागी ने कहा कि हिंदू समाज के लगातार हो रहे पलायन के संबंध में बस्ती स्तर पर सूची बनाई जाएगी और डीएम को दी जाएगी।
प्रशासन चुप क्यों बैठा है। 10 वर्ष पुराना रिकार्ड निकालकर देख लें पता लग जाएगा कि पहले यहां कौन रहता था और अब कहां है।
सुनील पाराशर, प्रांत उपाध्यक्ष विहिप
कोई व्यक्ति निजी तौर पर सर्वे करे तो उसे रोका नहीं जा सकता। लेकिन जहां कानून व्यवस्था का सवाल खड़ा होगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पंकज कुमार, जिलाधिकारी