नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह व्यक्ति यूएई से काम करता था और प्रतिबंधित संगठन 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' ( बीकेआई) के जर्मनी में मौजूद हैंडलर्स और भारत में हथियार सप्लाई करने वालों व अन्य साथियों के बीच एक कड़ी का काम करता था। यह मामला 2024 में पंजाब के नांगल में विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता विकास प्रभाकर की टारगेटेड हत्या से जुड़ा है।
जांच में क्या पता चला?
एनआईए के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने पता लगाया है कि मनवीर राम को हत्या को अंजाम देने के लिए हथियार का इंतजाम करने के काम पर रखा गया था। आरोप है कि वह यूएई से काम करता था और जर्मनी में मौजूद हैंडलर्स और भारत में हथियार सप्लायर्स व अन्य साथियों के बीच एक अहम कड़ी के तौर पर काम करता था।
एजेंसी ने क्या बताया?
एजेंसी ने बताया कि मनवीर का काम विदेश में बैठे साजिश रचने वालों और भारत में उनके साथियों के बीच संपर्क बनाना था, जिससे टारगेटेड किलिंग (खास व्यक्ति की हत्या) को अंजाम देने में मदद मिली।
यह मामला नांगल में स्थानीय वीएचपी नेता विकास प्रभाकर की हत्या से जुड़ा है। एनआईए ने 9 मई, 2024 को जांच अपने हाथ में ली और अब तक एक चार्जशीट के साथ-साथ दो सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की हैं।
एनआईए की जांच के मुताबिक, प्रभाकर को खत्म करने की साजिश कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन बीकेआई के जर्मनी में बैठे हैंडलर्स ने रची थी, जिनकी पहचान हरजीत सिंह उर्फ लड्डी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के तौर पर हुई है।
कब हुआ था यह हमला?
बता दें कि 13 अप्रैल 2024 को पंजाब के रूपनगर जिले में प्रभाकर की उनकी कन्फेक्शनरी की दुकान पर दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह उस समय वीएचपी के नांगल अध्यक्ष थे।एनआईए ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ मिलकर अगस्त 2024 में पंजाब के लुधियाना से आरोपी धर्मेंद्र कुमार उर्फ कुणाल को गिरफ्तार किया था।
एजेंसी का आरोप है कि कुणाल ने मध्य प्रदेश से अवैध हथियार और गोला-बारूद हासिल किए थे। विदेश में बैठे आतंकवादी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू के कहने पर उन्हें जमीनी स्तर पर गोली चलाने वालों (ग्राउंड शूटर्स) तक पहुंचाया था। आरोपित शूटर्स, मनदीप कुमार उर्फ मंगली और सुरिंदर कुमार उर्फ रिका,जो दोनों पंजाब के एसबीएस नगर के रहने वाले हैं। उनको 16 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने कहा कि बड़ी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। बीकेआई के दो फरार सदस्यों, हरजीत सिंह उर्फ लाधी और कुलवीर सिंह उर्फ सिद्धू, की भी तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर प्रत्येक के लिए 10 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की गई है।