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Vegetables Price: आम लोगों को मिलेगी राहत, प्याज-टमाटर और आलू के रेट में आएगी गिरावट! जानें कब से कम होंगे भाव

Mon, 14 Oct 2024 03:20 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कारोबारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में टमाटर की कीमत में कमी आ सकती है। 100 रुपये किलो पार कर चुका टमाटर 50 से 60 रुपये प्रति किलो पर आ सकता है। प्याज और आलू की कीमत में भी गिरावट देखने को मिलेगी।
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Vegitables Price - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दशहरा खत्म होने के बाद अब दिवाली और छठ पूजा की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि, सब्जी मंडियों में टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में कमी नहीं आई है। खुदरा बाजार में जहां आलू 40 रुपये किलो मिल रहा है तो वहीं टमाटर की कीमत 100 रुपये प्रति किलो पार पहुंच गई हैद्व जबकि प्याज के दाम भी 50-60 रुपये किलो हैं। इन तीनों सब्जियों के अलावा हरी सब्जियों के रेट भी बढ़ रहे हैं।

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दरअसल, इन सब्जियों के रेट बढ़ने के कई कारण बताए जा रहे हैं। पहले तो ये सब्जियां मौसम की मार की वजह से प्रभावित हुईं। बिगड़ते मौसम के कारण इनकी फसल प्रभावित होती है। इसलिए सब्जियां जल्दी खराब हो जाती हैं। इसके बाद भंडारण की समस्या ने भी इनके रेट बढ़ाए दिए है। कई बार कोल्ड स्टोर की कमी और अन्य कारणों से सब्जियों का भंडारण ठीक से नहीं हो पाता है। इस कारण भी रेट बढ़ जाते है। इसके अलावा आपूर्ति संबंधी दिक्कतों के कारण भी सब्जियों के रेट में इजाफा देखा गया है। क्योंकि राज्यों में बाढ़ के चलते सब्जियां समय पर नहीं पहुंच सकी। इसलिए मंडियों में रेट बढ़ गए।

कारोबारियों का कहना है कि,अगले कुछ दिनों में टमाटर की कीमत में कमी आ सकती है। 100 रुपये किलो पार कर चुका टमाटर 50 से 60 रुपये प्रति किलो पर आ सकता है। प्याज और आलू की कीमत में भी गिरावट देखने को मिलेगी। इसका कारण है कि बाजार में आलू और टमाटर की नई फसल आनी शुरू होगी। दिवाली-छठ तक इन सब्जियों के रेट में कमी आ सकती है।
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सरकार बेचना शुरू किए टमाटर और प्याज
इधर, सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए  केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ ने दिल्ली समेत कई राज्यों में 65 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती कीमत पर टमाटर बेचना शुरू कर दिया, क्योंकि हाल में कुछ स्थानों पर इसकी खुदरा कीमत 120-130 रुपये तक पहुंच गई थीं।

दरअसल, टमाटर की कीमतों में अचानक उछाल का बड़ा कारण कम बुवाई और सितंबर के आखिरी सप्ताह में भारी बारिश को बताया जा रहा है। इस कारण टमाटर उत्पादक क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बाजार में तैयार फसल नष्ट होने से आपूर्ति पर असर पड़ा है। इसके अलावा सरकार दिल्ली-एनसीआर में सस्ती दरों पर प्याज बेचना शुरू किया है। यह प्याज मोबाइल वैन और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की दुकानों से बिक रही है। सरकार यहां 35 रुपये किलो के हिसाब से प्याज बेच रही है।

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