भाजपा मजबूर न करे, तो वरुण गांधी बागी नहीं होना चाहते हैं। यह बात अलग है कि अगर उनका पीलीभीत से टिकट कटा तो फैसला उन्हें लेना है। भाजपा से जुड़े सूत्र कहते हैं कि वरुण पर निर्णय भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को ही लेना है। खबर यह भी है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपना वीटो लगा रखा है। वह वरुण गांधी को भाजपा के टिकट दिए जाने का इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के उत्तर प्रदेश के एक बड़े नेता ने कहा कि पीलीभीत पर कुछ निर्णय आए तो अमेठी के भी भाग्य का फैसला हो।
कांग्रेस नेता का कहना है कि अमेठी और रायबरेली दोनों सीटों पर नेहरू-गांधी परिवार का दावा मजबूत रहने के आसार हैं। बहुत कुछ इस सप्ताह पर निर्भर करेगा। रायबरेली के बारे में पूछे जाने पर कहते हैं कि उनके पास प्रियंका गांधी के ही चुनाव लड़ने की जानकारी है। प्रियंका को ध्यान में रखकर रायबरेली में गांव, तहसील, कस्बा में जमीनी पकड़ मजबूत बनाई जा रही है।
भाजपा-बसपा और इंडिया गठबंधन में चल रहा है टिकट का खेल
पीलीभीत में वरुण गांधी की सीट पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी ने भी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। यही स्थिति अभी अमेठी सीट को लेकर बनी हुई है। राजनीतिक गलियारों में वरुण गांधी को लेकर दो चर्चा चल रही हैं। पहली चर्चा यह कि भाजपा से टिकट न मिलने पर वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। दूसरी चर्चा इसकी है कि भाजपा से टिकट न मिलने पर, वह पीलीभीत के बजाय अमेठी से उम्मीदवार हो सकते हैं। उन्हें सपा और कांग्रेस का समर्थन मिलेगा। दिलचस्प यह भी है कि पिछले साढ़े चार साल तक अपने सरकार की नीतियों की समालोचना करने वाले वरुण गांधी पिछले काफी समय से बहुत संतुलन बनाए हुए हैं। खुद के चुनाव लड़ने और चुनाव क्षेत्र के बारे में भी नहीं बोल रहे हैं।
वरुण के बारे में भाजपा के अंदरखाने के सूत्र कहते हैं कि पार्टी में अनुशासन से बड़ा व्यक्ति नहीं होता। लेकिन मामला वरुण गांधी का है, इसलिए दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय पर हर कोई कुछ कहने से बच रहा है। एक तीसरी चर्चा वरुण गांधी के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ने की संभावना को लेकर भी है। इसमें कहा जा रहा है कि वरुण को भाजपा का टिकट न मिलने की दशा में वह अमेठी से चुनाव लड़ सकते हैं। उनकी मां मेनका गांधी पीलीभीत से चुनाव लड़ सकती हैं। इस संभावना पर कहा जा रहा है कि फिर बसपा अपने उम्मीदवार के माध्यम से वरुण का खेल बिगाड़ सकती है। दूसरी तरफ भाजपा के नेताओं की भी कोशिश रहेगी कि वरुण की किलेबंदी ढंग से की जाए।
एक-दो दिन में उठ सकता है वरुण की उम्मीदवारी से पर्दा
पहले चरण के चुनाव के अधिसूचना जारी हो गई है। इसमें लोकसभा की 102 और उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर लोकसभा चुनाव होना है। आठ सीटों में पीलीभीत भी शामिल है। नामांकन 17 मार्च तक किया जा सकता है। 2019 में इन 8 सीटों में से पांच पर भाजपा को झटका लगा था। उपचुनाव में रामपुर भी भाजपा जीत गई थी। बसपा ने इनमें से तीन सीटों पर अपना पत्ता नहीं खोला है। पीलीभीत पर बसपा, भाजपा, INDI गठबंधन ने भी पत्ता नहीं खोला है। माना जा रहा है कि होली से पहले भाजपा अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। इसके बाद अन्य भी उम्मीदवारों के नामों का एलान करेंगे।