रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का नए सर्किल रेट से मुआवजा मांग रहे किसानों ने रविवार को हृदयपुर की महापंचायत में आरपार के आंदोलन का एलान कर दिया।
किसानों ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि 25 जून तक यदि पूरे मुआवजे का भुगतान नहीं किया जाता है तो अगले दिन से किसान रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत जमीन पर खेती शुरू कर देंगे। कहा कि मुआवजा मिलने तक धरना और किसान चौपाल का कार्यक्रम जारी रहेगा।
महापंचायत में हजारों किसान जुटे और आंदोलन के समर्थन में आवाज बुलंद की। महापंचायत में बड़ी संख्या में महिला किसान भी मौजूद रहीं।
नए सर्किल रेट से मुआवजा देने के लिए प्रशासन को दिया समय
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
महापंचायत के मंच पर कांग्रेस के अलावा सपा, भाजपा और अपना दल के नेता भी मौजूद रहे और इन्होंने किसानों की मांग को जायज बताते हुए आंदोलन का समर्थन दिया। महापंचायत को देखते हुए यहां पहले से ही सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त थे।
किसान नेताओं ने साफ कहा कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल जाता, वे रिंग रोड का काम नहीं होने देंगे। कड़ी धूप के बावजूद किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए संदहा, घमहापुर, अहमदपुर, इदिलपुर सहित कई गांवों से पैदल और वाहनों से हृदयपुर पहुंचे।
किसानों को आंदोलन के अगुवा किसान न्याय मोर्चा के प्रवक्ता विजय शंकर पांडेय, अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल, आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल अध्यक्ष संजीव सिंह, महापौर रामगोपाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, कौएद के अतहर जमाल लारी, माकपा के विजय पटेल, भाजपा के सुजीत सिंह टीका एवं आंदोलन के संयोजक महेंद्र सिंह यादव आदि ने भी किसान महापंचायत को संबोधित किया।