केंद्रीय कृषि कानून के विरोध में जारी किसान आंदोलन का साया देव दीपावली की चमक पर भी नजर आया। दरअसल, देव दीपावली के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी ने बटन दबाकर वाराणसी-प्रयागराज सिक्स लेन हाईवे का लोकार्पण किया। इसके बाद उनके पूरे भाषण में देव दीपावली की जगह किसान ही छाए रहे। गौर करने वाली बात है कि खजूरी में प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 40 मिनट तक लोगों को संबोधित किया। इस दौरान करीब 26 मिनट तक वह किसानों के मुद्दों पर ही बोलते रहे।
पीएम मोदी ने ऐसे किया अपने भाषण का आगाज
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने वाराणसी के खजूरी में जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद उनका पूरा फोकस किसान और किसान आंदोलन पर रहा। पीएम मोदी ने किसानों को अन्नदाता कहा और काशी की धरती से उन्हें नमस्कार किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस के दशहरी और लंगड़ा आम से किसानों की बात शुरू की और वह अपनी बात को कृषि कानून तक ले गए।
एमएसपी से लेकर कृषि कानून तक बोले मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में एमएसपी से लेकर कृषि कानून तक पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मंडियों को और आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत मंडियां और एमएसपी नहीं हटाए जा रहे हैं। अगर कोई पुराने सिस्टम से लेन-देन को उचित समझता है तो नए कृषि कानून में कोई रोक नहीं लगाई है। नए कृषि सुधारों से नए विकल्प और नए कानूनी संरक्षण दिए गए हैं। पीएम मोदी बोले कि सरकार कानून बनाती है तो इसे समर्थन और विरोध दोनों मिलता है। पहले सरकार का फैसला किसी को पसंद नहीं आता था, विरोध होता था। अब प्रचार किया जाता है कि फैसला ठीक है, लेकिन आगे चलकर न जाने क्या होगा। जो नहीं होगा, उसे लेकर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। 24X7 उनका यही काम है।
'छल और गंगाजल' से विपक्ष पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आपको याद रखना है कि यही लोग पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर सवाल उठाते थे। ये लोग अफवाह फैलाते थे कि मोदी ने एक बार दो हजार रुपया दिया है। दोबारा नहीं देगा। वहीं, एक राज्य ने तो किसान सम्मान योजना को लागू ही नहीं होने दिया। इसके अलावा कर्जमाफी के नाम पर भी किसानों को धोखा दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि मैं काशी की पवित्र धरती से कहना चाहता हूं कि अब छल से नहीं, गंगाजल जैसी नीयत से काम किया जा रहा है। भ्रम फैलाने वालों की सच्चाई देश के सामने आ रही है। आज जिन किसानों को कृषि सुधारों पर शंकाएं हैं, वे भी भविष्य में इनका लाभ उठाएंगे। अगर कोई पुराने सिस्टम से ही लेनदेन को ठीक समझता है तो उस पर भी कहीं कोई रोक नहीं लगी। नया कानून किसानों के लिए फायदेमंद है। इसमें किसानों को और आजादी दी गई है।
एमएसपी पर आंकड़े भी बताए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 से पहले पांच साल में पूरे देश में सिर्फ 650 करोड़ की दाल खरीदी गई। हमारे पांच साल में 49 हजार करोड़ की दालें MSP पर खरीदी गई, यानी इसमें 75 गुना बढ़ोतरी हुई है। पहले की सरकार ने MSP पर 2 लाख करोड़ का धान खरीदा, हमने MSP के जरिए 5 लाख करोड़ किसानों तक पहुंचा दिए। उनकी सरकार ने पांच साल में MSP पर 1.5 लाख करोड़ का गेहूं खरीदा, जबकि हमने 3 लाख करोड़ का।