सिकंदराबाद-तिरुपति रूट के अलावा अन्य तीन रूट नई दिल्ली-वाराणसी, नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी (कटरा) और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई से शिरडी का रूट शामिल है।
देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के बीच संपर्क बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार वंदे भारत ट्रेनों का संचालन बढ़ाने पर फोकस कर रही है। शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी सिकंदराबाद से तिरुपति के बीच हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन के संचालन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। बता दें कि देश में अभी 13 रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इनमें से चार रूट प्रसिद्ध तीर्थस्थलों के हैं।
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इन रूट्स पर चल रहीं वंदे भारत ट्रेनें
सिकंदराबाद-तिरुपति रूट के अलावा अन्य तीन रूट नई दिल्ली-वाराणसी, नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी (कटरा) और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई से शिरडी का रूट शामिल है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी नेशनल हाइवे-744 का भी शिलान्यास करेंगे। इस हाइवे के निर्माण से देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों जैसे मदुरई का मीनाक्षी मंदिर, श्रीविल्लीपुथुर का अंदल मंदिर और केरल के सबरीमाला मंदिर के बीच संपर्क बेहतर हो जाएगा।
तीर्थस्थलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ने से ना सिर्फ तीर्थयात्रियों को फायदा होगा बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी मदद मिलेगी। कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार बढ़ेगा, नई नौकरियों का सृजन होगा और पर्यटन, हैंडीक्राफ्ट और खाद्य सेवाओं का विकास होगा।
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बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक बयान में कहा था कि देश में आधारभूत ढांचे के विकास में 10 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें से 2.4 लाख करोड़ रुपए रेलवे का बुनियादी ढांचा बनाने में खर्च किए जाएंगे। देश के 17 राज्यों में के 108 जिलों में वंदे भारत ट्रेनों से कनेक्ट किए जा चुके हैं। इससे छात्र, नौकरीपेशा, किसान सभी लोग लाभान्वित हो रहे हैं और बुनियादी ढांचे के विकास से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल रहा है।