वंदे भारत एक्सप्रेस (सांकेतिक तस्वीर)।
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भारतीय रेलवे आए दिन किसी ने किसी शहर से नई वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत कर रहा है। लेकिन रेलवे जिस तेजी से वंदे भारत ट्रेन को पटरी पर उतार रहा है। उतनी ही पत्थरबाजी की घटनाएं भी बढ़ती जा रही है। अब तक वंदे भारत ट्रेनों पर पत्थर बरसाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी है। बिहार, पश्चिम बंगाल समेत देश के कई हिस्सों में ट्रेन पर पत्थर फेंके गए हैं। इससे रेलवे को लाखों का नुकसान हुआ है।
हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में संसद को बताया कि वंदे भारत ट्रेनों पर पत्थर फेंके जाने की घटनाओं से रेलवे को 2019 से अब 55 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। पथराव की घटनाओं में शामिल रहने के मामले में 151 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के दौरान किसी यात्री की जान चले जाना या किसी यात्री का सामान चोरी या कोई नुकसान की घटना सामने नहीं आई है।
रेल मंत्री वैष्णव ने कहा, वर्ष 2019, 2020, 2021, 2022 और 2023 (जून तक) के दौरान, पथराव की घटनाओं में वंदे भारत ट्रेनों को हुई क्षति के कारण भारतीय रेलवे को 55.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इस तरह की घटनाओं को रोकने यात्रियों और रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) जिला पुलिस और प्रशासन के साथ 'ऑपरेशन साथी' चला रहा है। ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए एक डिटेल गाइडलाइन भी जारी की गई है।