क्रिसमस से शुरू हुए उत्सवों के दौरान गुरुवार को बशारतपुर के फुलगॉस्फल चर्च में आयोजित प्रार्थना में अराजक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ और मारपीट की। उनके हमले में चार लोग जख्मी हो गए।
इस घटना से नाराज मसीही समाज के लोग सड़क पर उतर गए और जाम कर कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर हटाया। पादरी की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बृहस्पतिवार को गिरजाघर में आराधना सभा और क्रिसमस मिलन समारोह चल रहा था। दोपहर करीब बारह बजे पचास से ज्यादा संख्या में पहुंचे लोगों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। पादरी एबी लाल के मुताबिक हमलावर केसरिया पगड़ी बांधे हुए थे। वे धर्म परिवर्तन करने का आरोप लगाते हुए कुर्सियां फेंकने लगे। इसके चलते भगदड़ का माहौल हो गया।
गिरजाघर से लेकर सड़क तक अफरातफरी मच गई। पादरी के मुताबिक जिस समय हमला किया गया, उस वक्त प्रार्थना सभा चल रही थी। हमलावर हिंदू युवा वाहिनी, बजरंग दल, आरएसएस के लोग थे या कोई और ये हम नहीं कह सकते। पुलिस जानकारी कर कार्रवाई करे ताकि मसीही समाज खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। शाहपुर के इंस्पेक्टर गोविंद वल्लभ शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
धर्म परिवर्तन का आरोप झूठा
पादरी एबी लाल ने कहा कि धर्म परिवर्तन का आरोप पूरी तरह से गलत है। क्रिसमस के बाद से ही गिरजाघरों में लगातार कार्यक्रम होते हैं। बृहस्पतिवार को भी आराधना व क्रिसमस मिलन कार्यक्रम का आयोजन था।