आंध्र प्रदेश में पूर्वी गोदावरी जिले के साखीनेतीपल्ली मंडल के तहत आने वाले छोटे से गांव मोरी ने पूरी तरह स्मार्ट डिजिटल गांव का तमगा हासिल कर लिया है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा एपी फाइबरनेट परियोजना शुरू करने के साथ ही गांव के सभी 1189 घर पूरी तरह डिजिटल कनेक्शन वाले हो गये हैं।
इस परियोजना में 149 रुपए प्रति महीने में 15 एमबीपीएस की रफ्तार से इंटरनेट, वाई-फाई, एक टेलीफोन कनेक्शन और 250 केबल टीवी चैनल की सुविधा मिलेगी। गांव वालों को 99 रुपये प्रति महीने की किस्त पर 4000 रुपए का सेट टॉप बॉक्स दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर घोषणा की, ‘हम मोरी को पूरे देश के लिए आदर्श गांव बनाएंगे।’ अभी तक मोरी गांव को काजू के निर्यात के लिए जाना जाता था, लेकिन इसे डिजिटल स्वरूप प्रदान करने की शुरुआत इसी माटी के सपूत सोलोमन एन डार्विन ने की जो अमेरिका के बर्कले में सेंटर फॉर कॉर्पोरेशन इनोवेशन, यूसी में कार्यकारी निदेशक हैं।
मोरी को हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ ग्राम पुरस्कार मिला था। यहां सारे घरों में अलग अलग शौचालय बनाए गए और उसे खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया।
जिला कलेक्टर एच अरुण कुमार ने बताया, ‘मोरी गांव का हर नागरिक ई-बैंकिंग, रूपे कार्ड या एसबीआई बडी के माध्यम से डिजिटल लेनदेन करता है। गांव की सभी दुकानों पर नकदी रहित लेनदेन के लिए पीओएस मशीने हैं।’
उन्होंने बताया कि सभी गांव वालों को डिजिटल लेनदेन के लिए जरूरी प्रशिक्षण दिया गया है। आंध्र प्रदेश राज्य फाइबर ग्रिड निगम ने गांव वालों को 650 एंड्रॉयड फोन बांटे ताकि वे नोटबंदी के बाद डिजिटल तरीके से लेनदेन कर सकें। मोरी में जल्द ही पाइपलाइन से रसोई गैस की आपूर्ति भी की जाएगी। क्षेत्र के विधायक गोल्लापल्ली सूर्या राव ने मोदी के ‘स्मार्ट डिटिजल ग्राम’ बनने पर खुशी जताई।