जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते वाइको
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एमडीएमके के नेता वाइको और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के खिलाफ गुरुवार सुबह दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें संसद मार्ग पुलिस थाने ले जाया गया है।
श्रीलंका के राष्ट्रपति 28 नवंबर से 30 नवंबर तक तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आने वाले हैं। वाइको ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को दिल्ली गुरुवार को इकट्ठा होकर काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन करने के लिए कहा था। उन्होंने भारत सरकार से श्रीलंका में तमिल आबादी के हितों की रक्षा करने को भी कहा है।
एक बयान में वाइको ने कहा है कि श्रीलंका के नए राष्ट्रपति के रूप में गोतबया राजपक्षे के चुनाव से तमिलों के बीच युद्ध की आशंका जाग गई है। राष्ट्रपति राजपक्षे को रक्षा सचिव के तौर पर तमिल अलगाववादी युद्ध को समाप्त करने का श्रेय दिया जाता है।
वाइको ने अपने बयान में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति गोतबाया ने देश के तमिल बहुल क्षेत्र उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में सैनिकों को सड़कों पर गश्त करने का आदेश दिया है। बयान में कहा गया है कि अलगाववादी युद्ध के अंतिम चरण के दौरान सैकड़ों तमिल मारे गए या लापता हो गए। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तमिलों के कल्याण को सुनिश्चित करना भारत सरकार की जिम्मेदारी है।