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तंज: वैक्सीन की किल्लत दूर करने को गडकरी ने दिया सुझाव, कांग्रेसी नेता बोले-आपके बॉस सुन रहे हैं क्या?

Wed, 19 May 2021 01:43 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोविड-19 वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सुझाव पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने तंज कसा है। कांग्रेसी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए पूछा, क्या उनके बॉस यह सुन रहे हैं?
 
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नितिन गडकरी, जयराम रमेश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में सबसे बड़ा हथियार कोरोना वैक्सीन को माना जा रहा है, लेकिन कई राज्यों में टीकों की कमी की वजह से टीकाकरण अभियान की रफ्तार धीमी हो गई है। इस बीच, कोविड-19 वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सुझाव पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने तंज कसा है। जयराम रमेश ने पूछा, 'लेकिन क्या उनके (गडकरी) बॉस सुन रहे हैं?'

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि वैक्सीन बनाने के लिए और कंपनियों को लाइसेंस दिया जाना चाहिए।नितिन गडकरी के सुझाव वाले वीडियो को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए कांग्रेस के दिग्गज नेता जयराम रमेश ने बिना नाम लिए नरेंद्र मोदी पर तंज कसा और कहा, ''क्या उनके बॉस यह सुन रहे हैं? 8 अप्रैल को डॉ. मनमोहन सिंह ने भी ऐसा ही सुझाव दिया था।'' 
 
अपने बयान पर गडकरी ने दी सफाई
देश में वैक्सीन की किल्लत दूरने का सुझाव देने के एक दिन बाद गडकरी ने अपने बयान पर सफाई दी। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि जब उन्होंने दूसरी कंपनियों को भी कोरोना वैक्सीन बनाने का फॉर्मूला दिए जाने का सुझाव दिया था, तब उन्हें पता नहीं था कि भारत सरकार पहले ही ऐसा कर चुकी है।

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गडकरी ने क्या सुझाव दिया?

विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा था, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बारे में आग्रह करेंगे कि देश में जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए और ज्यादा से ज्यादा दवा कंपनियों को मंजूरी देने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए। इसमें दवा के पेटेंट धारक को अन्य दवा कंपनियों द्वारा 10 प्रतिशत रॉयल्टी देने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

गडकरी ने कहा कि यदि टीके की आपूर्ति के मुकाबले उसकी मांग अधिक होगी, तो इससे समस्या खड़ी होगी। इसलिए एक कंपनी के बजाय 10 और कंपनियों को टीके का उत्पादन करने में लगाया जाना चाहिए। इसके लिए टीके के मूल पेंटेंट धारक कंपनी को दूसरी कंपनियों द्वारा दस प्रतिशत रॉयल्टी का भुगतान किया जाना चाहिए। बता दें कि मनमोहन सिंह ने पिछले महीने केंद्र सरकार को अपने पत्र में ज्यादा से ज्यादा कंपनियों से वैक्सीन का उत्पादन करवाने का सुझाव दिया था।
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