सर्वाइकल कैंसर के लक्षण देरी से सामने आने के कारण मर्ज की गंभीरता घातक रूप में सामने आ रही है। इसे लेकर विशेषज्ञ भी चिंतित हैं। इस बीच बड़ी खबर सामने आई है। सरकार जून में देश के छह राज्यों में नौ से 14 साल की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर रोधी टीका देना शुरू कर सकती है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
टीकाकरण अभियान के पहले चरण में ये राज्य
सूत्रों ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर रोधी टीकाकरण अभियान के पहले चरण में जिन राज्यों में नौ से 14 साल की लड़कियों को टीका दिया जाएगा उनमें कर्नाटक, तमिलनाडु, मिजोरम, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इन छह राज्यों की 2.55 करोड़ लड़कियों को ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) का टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में एचपीवी वैक्सीन को शामिल करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। साथ ही साल 2026 तक एचपीवी वैक्सीन की 16.02 करोड़ खुराक की खरीद के लिए अप्रैल में एक वैश्विक निविदा जारी होने की संभावना है।
सीरम इंस्टीट्यूट ने लांच की थी सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ वैक्सीन
इससे पहले बीते माह सीरम इंस्टीट्यूट ने सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ मेड इन इंडिया वैक्सीन CERVAVAC को लांच किया था। भारत में बनी यह पहली ह्युमन पैपीलोमावायरस वैक्सीन है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने स्वास्थ्य मंत्रालय को एक पत्र भी लिखा है। जिसमें बताया गया है कि पहली स्वदेशी HPV वैक्सीन निजी बाजार में 2,000 रुपये प्रति खुराक की MRP पर उपलब्ध कराई जाएगी। इतना ही नहीं, CERVAVAC दो-खुराक वाली कांच की शीशी में उपलब्ध होगी।
अमेरिकी कंपनी मर्क की एचपीवी वैक्सीन ही है उपलब्ध
बता दें कि अभी देश में विदेश में बनी सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन उपलब्ध हैं। अमेरिकी कंपनी मर्क की एचपीवी वैक्सीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एचपीवी वैक्सीन को टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने पर विचार कर रहा है।
देश में 10 में से 8 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित
दुनिया की कुल महिला आबादी में से 16 फीसदी महिलाएं भारत में रहती हैं लेकिन यहां सर्वाइकल कैंसर से मरने वाली महिलाओं का आंकड़ा कुल मौतों में से एक तिहाई है। आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर साल करीब 80 हजार महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में आती हैं और इनमें से 35 हजार की मौत हो जाती है। हालात यह हैं कि देश में हर दो मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर से जान गंवा रही है। देश में 10 में से 8 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित हैं।