भारत बायोटेक ने अपनी फैक्टशीट में ये भी सुझाव दिया कि अगर कोवैक्सीन की खुराक लेने के बाद किसी में कोविड-19 से संक्रमित होने के लक्षण दिखते हैं, तो आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा। भारत बायोटेक ने वैक्सीन की संभावित प्रतिकूल घटनाओं और वैक्सीन के लिए योग्य लोगों का विवरण देते हुए यह फैक्टशीट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि इसका बहुत ही कम संभावना है कि कोवैक्सीन से सांस लेने में कठिनाई, चेहरे/गले की सूजन/ तेजी से दिल धड़कना, पूरे शरीर में चकत्ते और कमजोरी सहित एलर्जी की गंभीर प्रतिक्रिया पैदा हो सकती हैं।
अगर कोई साइड इफेक्ट दिखे, तो तुरंत जानकारी दें
फैक्टशीट में कहा गया है कि अगर कोवैक्सीन लेने के कुछ घंटों में आपको कोई साइड इफेक्ट दिखे या कोविड के लक्षण समझ में आए, तो तुरंत वैक्सीन लगाने वाले को इसकी जानकारी दें। अगर वैक्सीन लेने के पहले और बाद में आपने किसी वजह से कोई दवा ली हो, तो उसकी भी सही और साफ जानकारी दें। फैक्टशीट के मुताबिक, कोवैक्सीन के लगाए जाने पर अगर किसी लाभार्थी को कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है अथवा वैक्सीन का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता तो उसे सरकारी अस्पताल में देखरेख की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इतना ही नहीं, गंभीर प्रतिकूल घटना के लिए मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।
बता दें कि अभी कोवैक्सीन तीसरे फेज के ट्रायल में है और अभी इसकी प्रभावकारिता पूरी तरह से साबित नहीं हो पाई है। तीसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों को स्टडी किया जा रहा है। भारत बायोटेक ने कहा है कि वैक्सीन की खुराक लगने का मतलब यह नहीं है कि इसके बाद कोविड-19 से बचाव के लिए निर्धारित अन्य मानकों का पालन करना बंद कर दिया जाए। यही वजह है कि कंपनी ने उन सावधानियों को बरतने की जरूरत समझी है, जिन्हें नजरअंदाज करने पर इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।