एक अंग्रेजी समाचार पत्र के मुताबिक, देश में अनुमानित वयस्क आबादी करीब 94 करोड़ है और इस आबादी का टीकाकरण करने के लिए 188 करोड़ वैक्सीन की डोज की जरूरत होगी। वयस्क आबादी को वैक्सीन लगाने के लिए साल के बाकी 231 दिनों में 170 करोड़ डोज की जरूरत होगी। यानी अगर सप्ताह के सातों दिन जोड़ लिए जाए, तो हर दिन करीब 73.6 लाख खुराकें लगानी होंगी। इस तरह से देखें तो अभी जो टीकाकरण की रफ्तार है, उसके औसत के हिसाब से करीब पांच गुना ज्यादा वैक्सीन की डोज रोजाना लगानी होंगी।
टीकाकरण: अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगा भारत
देश में हर दिन 90 लाख डोज लगाई जाएंगी। अबतक किसी देश ने एक दिन में इसकी आधी डोज भी नहीं लगाई हैं। भारत के नाम ही एक दिन में सबसे ज्यादा डोज लगाने का रिकॉर्ड है, जो उसने 5 अप्रैल को बनाया था, तब एक दिन में 41.6 लाख डोज लगाई गई थीं। चुनौती सिर्फ सप्लाई की नहीं है, इसके लिए टीकाकरण केंद्रों की संख्या और मैनपावर भी कई गुना बढ़ाना होगा।