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UP News : जितिन नहीं, खटीक हैं भाजपा नेतृत्व की चिंता, योगी सरकार में जातिगत आधार पर असंतोष फैलने की आशंका

Thu, 21 Jul 2022 04:58 AM IST
योगेश साहू हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली/लखनऊ।

सार

पार्टी सूत्रों का कहना है कि खटीक के आरोपों को लेकर पार्टी नेतृत्व गंभीर है। यही कारण है कि डिप्टी सीएम केशव मौर्य के जरिये नौकरशाही को मंत्रियों और कार्यकर्ताओं का सम्मान करने की नसीहत दी गई है।
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दिनेश खटीक - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मंत्रालय में तबादले की जांच और अपने करीबी के खिलाफ कार्रवाई से नाराज उत्तर प्रदेश सरकार के लोकनिर्माण मंत्री जितिन प्रसाद को पार्टी नेतृत्व ने मिलने का समय नहीं दिया। इसके उलट उन्हें तबादले की जांच के समर्थन में बयान भी देना पड़ा। दरअसल भाजपा नेतृत्व को जितिन की नाराजगी से ज्यादा जलशक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक की आरोपों की चिंता है।

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नेतृत्व को डर है कि अगर इस मामले को जल्द नहीं सुलझाया गया तो सरकार और पार्टी में जातिगत स्तर पर विरोध के स्वर उठेंगे। पार्टी सूत्र के मुताबिक जितिन को अगर पार्टी नेतृत्व ने मिलने का समय दिया होता तो उत्तर प्रदेश सरकार में भ्रष्टाचार को संरक्षण दिए जाने का संदेश जाता। यही कारण है कि उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया। 

इसके उलट उन्हें तबादले की विभागीय जांच के फैसले का समर्थन करने का दो टूक निर्देश सुनाया गया। मुलाकात का समय न मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुरूप ही जितिन ने खुद के नाराज न होने की बात कही। साथ ही तबादले की जंाच को सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से जुड़ा मामला बता कर इसका समर्थन किया।
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क्यों चिंतित है नेतृत्व
दरअसल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य के सीएम पर ओबीसी विरोधी होने का आरोप लगाकर कई मंत्रियों और विधायकों ने भाजपा से किनारा कर लिया था। तब स्थिति को संभालने के लिए पार्टी नेतृत्व को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। नेतृत्व को डर है कि अगर खटीक के मामले को नहीं संभाला गया तो विरोध के और स्वर सुने जा सकते हैं।

खटीक के आरोपों पर नेतृत्व गंभीर
पार्टी सूत्रों का कहना है कि खटीक के आरोपों को लेकर पार्टी नेतृत्व गंभीर है। यही कारण है कि डिप्टी सीएम केशव मौर्य के जरिये नौकरशाही को मंत्रियों और कार्यकर्ताओं का सम्मान करने की नसीहत दी गई। खटीक ने गृह मंत्री अमित शाह और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भेजे त्याग पत्र में दलित होने के कारण सरकार में सम्मान न मिलने और अधिकारियों की ओर से अपमानित करने का आरोप लगाया था। सूत्रों का कहना है कि खटीक का इस्तीफा स्वीकार नहीं होगा। इसकी जगह कैबिनेट और राज्य मंत्रियों में बेहतर तालमेल की कवायद की जाएगी।

जितिन के जरिये कई लोगों को संदेश
जितिन के मामले में सख्ती बरत नेतृत्व ने दूसरे मंत्रियों और नेताओं को सख्त संदेश दे दिया है। संदेश यह है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में केंद्रीय नेतृत्व राज्य सरकार के कामकाज में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा। गौरतलब है कि तबादला विवाद के कारण कुछ और मंत्री सीएम योगी से नाराज हैं।
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इस्तीफे पर अखिलेश का तंज कभी-कभी उल्टा भी चलता है बुलडोजर
जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक के इस्तीफे पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि जहां मंत्री होने का सम्मान तो नहीं, लेकिन दलित होने का अपमान मिले, ऐसी भेदभावपूर्ण भाजपा सरकार से त्यागपत्र देना ही अपने समाज का सम्मान रखने के लिए सही उपाय है। कभी-कभी बुलडोजर उल्टा भी चलता है। इसी तरह उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिखा कि उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और कुशासन की क्रोनोलॉजी समझिए।

दलित मंत्री की उपेक्षा अति दुर्भाग्यपूर्ण : मायावती
वहीं मायावती ने सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि उप्र भाजपा मंत्रिमंडल के भीतर भी दलित मंत्री की उपेक्षा अति निंदनीय व दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी खबरें राष्ट्रीय चर्चाओं में हैं। सरकार अपनी जातिवादी मानसिकता व दलितों के प्रति उपेक्षा, तिरस्कार, शोषण व अन्याय को त्याग कर उनकी सुरक्षा व सम्मान का ध्यान रखने का दायित्व जरूर निभाए।

विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं
दूसरी ओर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास प्रदेश सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं होने के कारण वह तिल का ताड़ बना रहा है। उनका दावा है कि राज्यमंत्री दिनेश खटीक से उनकी रोज बात होती है। वह नाराज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उपलब्धियों से हताश होकर सपा मुखिया मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। दिनेश खटीक के इस्तीफे के बाद स्वतंत्रदेव सिंह ने बयान जारी कर कहा कि अगर कोई  बात होगी तो उसे बैठकर सुलझा लिया जाएगा। पार्टी और सरकार की ओर से सभी वर्र्गों को सम्मान दिया जाता है और आगे भी दिया जाता रहेगा।
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