उत्तर प्रदेश के आंकड़े।
- फोटो : Amar Ujala
कानपुर में पिछले 24 घंटे के अंदर पांच लोगों की हत्याएं हुईं। इससे पहले लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज समेत कई जिलों में हत्या की एक के बाद एक कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पांच साल यानी 2016 से 2020 के बीच प्रदेश में हुए क्राइम का एनालिसिस करें तो मालूम चलता है कि देश में आज भी सबसे ज्यादा हत्याएं यूपी में ही हो रहीं हैं। पढ़िए, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट क्या कहती है...
हत्या के आंकड़े: 2016
| राज्य |
मर्डर केस |
| उत्तर प्रदेश |
4889 |
| बिहार |
2581 |
| महाराष्ट्र |
2299 |
| देश |
30,450 |
2017
| राज्य |
मर्डर केस |
| उत्तर प्रदेश |
4324 |
| बिहार |
2083 |
| महाराष्ट्र |
2103 |
| देश |
28,653 |
2018
| राज्य |
मर्डर केस |
| उत्तर प्रदेश |
4018 |
| बिहार |
2934 |
| महाराष्ट्र |
2199 |
| देश |
29077 |
2019
| राज्य |
मर्डर केस |
| उत्तर प्रदेश |
3806 |
| बिहार |
3138 |
| महाराष्ट्र |
2142 |
| देश |
28918 |
2020
| राज्य |
मर्डर केस |
| उत्तर प्रदेश |
3779 |
| बिहार |
3150 |
| महाराष्ट्र |
2163 |
| देश |
29193 |
(नोट: आंकड़े नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB से लिए गए हैं।)
एनसीआरबी ने 2016 से 2019 तक के उन 20 शीर्ष शहरों की सूची जारी की है, जहां सबसे ज्यादा हत्याएं हुई हैं। इनमें तीन उत्तर प्रदेश के हैं। गाजियाबाद, कानपुर और लखनऊ में 2016 से 2019 के बीच मर्डर के सबसे ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां मर्डर के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। यहां 2016 में 97, 2017 में 79, 2018 में 84 और 2019 में 75 मामले दर्ज हुए।
कानपुर में 2016 में 69, 2017 और 2018 में 51-51 और 2019 में 53 मर्डर केस रजिस्टर हुए हैं। इसी तरह गाजियाबाद में 2016 में 59, 2017 और 2018 में 52-52 लोगों की हत्याएं हुईं। 2019 में यह आंकड़ा घटकर 48 हो गया। 2019 की सूची में दिल्ली टॉप पर है। यहां सबसे ज्यादा 505 लोगों की हत्याएं हुईं।
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल यानी 2020 में महिलाओं और युवतियों से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के बाद सबसे ज्यादा हत्याएं उत्तर प्रदेश में हुईं हैं। सालभर में ऐसे 31 मामले सामने आए। दूसरे क्रम पर मध्य प्रदेश रहा, जहां इस तरह के 27 और तीसरे पर 26 मामलों के साथ असम रहा। दहेज हत्या के सबसे ज्यादा मामले भी उत्तर प्रदेश में ही दर्ज हुए। 2020 में यहां इस तरह के 2274 मामले दर्ज हुए। बिहार में 1046 और मध्य प्रदेश में 608 मामले सामने आए।
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2019 तक उत्तर प्रदेश में अपहरण के सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए। यहां 2017 में 19921, 2018 में 21711 और 2019 में 16590 लोगों का अपहरण किया गया। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र रहा। यहां 2017 में 10324, 2018 में 11443 और 2019 में 11755 मामले दर्ज हुए।