अपराधियों-भू-माफियाओं की भी नकेल कसी
योगी सरकार के आने के बाद भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए एक अलग माफिया टास्क फोर्स के गठन का भी एलान किया गया था। सरकार ने इसके पीछे का मकसद माफियाओं के सभी वित्तीय साधन काटना था। योगी सरकार की तरफ से पुलिस को भू-माफियाओं की जांच और उन्हें कानून के दायरे में लाने का आदेश दिया गया। इसके लिए सरकार ने एक वेब पोर्टल भी तैयार किया, जहां आम लोग न सिर्फ जमीन पर कब्जे की शिकायत कर सकते हैं, बल्कि इसके निवारण से जुड़ा डाटा भी ट्रैक कर सकते हैं।
2023 में अतीक अहमद से जुड़े एक मामले में गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में एलान किया कि उनकी सरकार में माफिया मिट्टी में मिला दिए जाएंगे। यहां से माफियाओं के खिलाफ सरकार के अभियान में नई तेजी आई। यूपी पुलिस की ओर से दिए गए डाटा के मुताबिक, योगी सरकार ने गंभीर अपराध में शामिल माफियाओं की संपत्तियों को जब्त करने का सिलसिला भी जारी रखा और मई 2025 तक माफियाओं की 4000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
पुलिस व्यवस्था में बेहतरी
पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बजट और भर्तियों पर विशेष ध्यान दिया है।
- बजट में बढ़ोत्तरी: वर्ष 2017-18 में पुलिस का बजट जो 16,115 रुपये करोड़ था, वह 2024-25 तक बढ़कर लगभग 35,000 रुपये करोड़ हो गया है, जो कि सवा दो गुना से अधिक की बढ़ोतरी है।
- नई नियुक्तियां: पुलिस विभाग में लगभग 1,53,869 नई भर्तियां की गई हैं। इसके अलावा, सात नए जिलों में पुलिस लाइनों की स्थापना भी की गई है।
- विशिष्ट इकाइयों और तकनीक का गठन: अपराध के विभिन्न रूपों से लड़ने के लिए कई नई और आधुनिक इकाइयों का गठन किया गया। इनमें...