पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार योगी आदित्यनाथ में पहले से ज्यादा विनम्रता और गंभीरता दिखाई दी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं और लोगों को सबसे बड़ी शिकायत निरंकुश हो रही नौकशाही से थी। गोरखपुर के योगी कैंप के एक करीबी नेता ने बताया कि महाराज जी ने भी इसे गंभीरता से महसूस किया है।
शुक्रवार को शाम चार बजे इकाना स्टेडिम में निवर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दूसरे कार्यकाल की शपथ लेंगे। विधानसभा के लिए भाजपा के नव निर्वाचित सदस्यों ने उन्हें अपना नेता चुन लिया है। लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक के सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री शपथ लेने के पाद दूसरे कार्यकाल की पारी पूरी परिपक्वता से आगे बढ़ाएंगे। शाही भवन (सचिवालय) के एक वरिष्ठ नौकरशाह के मुताबिक पांच साल मुख्यमंत्री रहे हैं, तमाम घटनाओं ने बहुत कुछ नई सीख दी है। जिस तरह से पिछले कुछ सप्ताह से मुख्यमंत्री का हाव-भाव चल रहा है, वह बहुत अच्छे संकेत दे रहा है।
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मतगणना के बाद और पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने के बीच में मुख्यमंत्री करीब चार बार दिल्ली आए। पार्टी के शीर्ष नेताओं से मिले और नई सरकार के गठन पर तमाम मुद्दों पर चर्चा की। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार योगी आदित्यनाथ में पहले से ज्यादा विनम्रता और गंभीरता दिखाई दी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं और लोगों को सबसे बड़ी शिकायत निरंकुश हो रही नौकशाही से थी। गोरखपुर के योगी कैंप के एक करीबी नेता ने बताया कि महाराज जी (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अफसरों, नेताओं, लोगों से महाराज कहलाना पसंद है) ने भी इसे गंभीरता से महसूस किया है। बबलू राय जैसे करीबियों का भी कहना है कि नौकरशाही, कामकाज और सरकार के निर्णय की अनुपालना को लेकर दूसरे कार्यकाल में बड़ी पहल संभव है।
पार्टी के विधायकों के बीच में संवेदनशीलता के साथ बोले मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद पार्टी के नव निवार्चित विधायकों, नेताओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में पहले कार्यकाल, अनुभव समेत कई मनोभावों का साझा किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सहयोग, प्रयास तथा पार्टी को मजबूती देने में भूमिका को भी बड़े शिद्दत से याद किया। अपने उपमुख्यमंत्रियों, कैबिनेट के पुराने सहयोगियों, विधायकों को भी योगी सरकार-1 की सफलता के लिए धन्यवाद दिया। योगी-2 सरकार के चेहरे पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भ्रष्टाचार से मुक्त और उत्तर प्रदेश के कल्याण तथा विकास को प्रमुखता देना इसका मुख्य ध्येय रहेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वह मुख्यमंत्री बने तो उससे पहले वह सांसद थे। उनके पास सरकार के कामकाज और प्रशासनिक अनुभव का अभाव था। लेकिन पांच साल की सरकार में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, सहयोगियों के समर्थन से बहुत कुछ बदला। वह इस बदलाव और विकास को मजबूती के साथ जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। माना जा रहा है कि वह दूसरे कार्यकाल में अयोध्या, बनारस, मथुरा की सांस्कृतिक विरासत को मजबूती देने के साथ-साथ अन्य क्षेत्र में भी विशेष ध्यान देंगे।
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उत्तर प्रदेश के भले के लिए खुलकर चलाएंगे मजबूत सरकार
संघ के प्रचारक अजय कुमार उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज की तारीफ करते नहीं थकते। प्रयागराज से ज्ञानेश्वर शुक्ला भी कहते हैं कि मुख्यमंत्री के चेहरे पर 2022 विधानसभा चुनाव हुआ और भाजपा ने इतिहास रच दिया है। यह इतिहास नहीं योगी आदित्यनाथ को जनता की मिली मान्यता है। गोरखपुर के माधव भवन में संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुख्यमंत्री योगी मिले थे। इस मुलाकात की भनक सूंघने वाले सूत्र बताते हैं कि संघ और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ खुलकर खड़ा है। मुख्यमंत्री के दूसरे कार्यकाल में उनके पास कामकाज के अधिकार और खुली छूट रहेगी। इस बार की सरकार में पिछली बार की तरह शुरू में पैदा हुआ दो उपमुख्यमंत्रियों और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के प्रोटोकॉल, अधिकार को लेकर कोई संशय भी नहीं रहने वाला है।