वरिष्ठ पत्रकार और हिंदुत्व राजनीति की कट्टर आलोचक गौरी लंकेश की मंगलवार को बंगलूरू में उनके घर के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने सात राउंड फायरिंग की, जिसमें गौरी को तीन गोलियां लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गौरी की हत्या के बाद लोगों ने ट्विटर और फेसबुक पर इस घटना की आलोचना की, तो वहीं कुछ यूजर्स ने गौरी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं। जिसके बाद ट्विटर ने कहा कि जो यूजर्स कंपनी की पॉलिसी नहीं माननेंगे उनका अकाउंट टेंपररी तौर पर ब्लॉक कर दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि कुछ यूजर्स गौरी लंकेश पर नकसल और माओवादी उग्रवादियों को सपोर्ट करने का आरोप लगा रहे थे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विटर से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि हमारी प्राथमिकता है कि लोग ट्विटर पर लिखते समय सुरक्षित महसूस करें, लेकिन विचार व्यक्त करने की भी एक सीमा होती है। जब कोई यूजर अपनी लाइन क्रॉस करता है तो हम उसे कुछ समय के लिए ब्लॉक कर सकते हैं।
एक प्रवक्ता ने बताया कि जो भी लोग ट्विटर की पॉलिसी नहीं मानेंगे और अपनी हद पार करेंगे हम उन्हें टेंपररी तौर पर ब्लॉक कर देंगे। यदि कोई यूजर किसी दूसरे यूजर के खिलाफ अशिष्ट व्यवहार के लिए रिपोर्ट करता है तो दूसरे यूजर का अकाउंट सस्पेंड भी किया जा सकता है।
गौरतलब है कि गौरी लंकेश कन्नड़ अखबार पत्रिका की संपादक थीं। गौरी लंकेश को हिंदुत्ववादी राजनीति का कट्टर आलोचक माना जाता था। अपने अखबार में भाजपा के नेताओं के खिलाफ खबर प्रकाशित करने के बाद भाजपा सांसद प्रह्लाद जोशी ने लंकेश के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर रखा था।