सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा की चार सदस्यीय टीम ने मंगलवार को यहां के मछुआरों द्वारा पाए गए पीएसएलवी रॉकेट-लांचर के इस्तेमाल किए गए ईंधन टैंक का निरीक्षण किया, और इसे इसरो वापस भेज दिया।
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पीएसएलवी रॉकेट का इस्तेमाल किया हुआ ईंधन टैंक
- फोटो : एएनआई
राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुडुचेरी सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन को ईंधन टैंक के बारे में जानकारी दी।
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पीएसएलवी रॉकेट का इस्तेमाल किया हुआ ईंधन टैंक
- फोटो : एएनआई
अधिकारी ने कहा कि सरकार ने टैंक के बारे में अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन को सूचित किया और टीम ने आकर टैंक को वापस ले लिया।
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पीएसएलवी रॉकेट का इस्तेमाल किया हुआ ईंधन टैंक
- फोटो : एएनआई
सोमवार को मछुआरों को अपने जाल में गिरने के बाद टैंक मिला। वे इसे किनारे ले आए। बाद में उन्हें पता चला कि यह रॉकेट लॉन्चर में इस्तेमाल किया गया ईंधन टैंक था।
पीएसएलवी रॉकेट का इस्तेमाल किया हुआ ईंधन टैंक
- फोटो : एएनआई
चंद्रयान-2 के बाद इसरों अपने नए प्रोजेक्ट च्रंदयान-3 की तैयारी में जुट गया है। सरकार ने भी चंद्रयान-3 प्रोजेक्ट की तैयारी शुरू कर दी है और इसके लिये संसद से 75 करोड़ रुपये आवंटित करने की मंजूरी मांगी है।