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चीन में पाकिस्तान पर गरजे पीएम मोदी तो अमेरिका ने भी दी चेतावनी

Wed, 07 Sep 2016 03:00 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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ओबामा-मोदी - फोटो : PTI
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चीन में जी-20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम ‌लिए पाकिस्तान पर निशाना साधा, तो अमेरिका ने भी पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दे डाली। गौरतलब है कि जी-20 सम्मेलन में पाकिस्तान पर कड़ा हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दक्षिण एशिया में सिर्फ एक देश आतंक फैला रहा है।
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उन्होंने कहा कि आतंक फैलाने वाले पर प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए और उसे अलग-थलग किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के इस संबोधन के तुरंत बाद भारत समेत जी-20 के देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बयान जारी करके आतंकियों तक पैसा पहुंचाने वाले सभी स्रोतों, तकनीकों और रास्तों को रोकने का संकल्प लिया।

प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि दक्षिण एशियाई देशों में एक देश ही आतंकी एजेंट भेज रहा है। इसके बाद जी-20 देशों के जारी बयान में कहा गया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम सूचनाओं के आदान-प्रदान, आतंकियों की संपत्ति फ्रीज करने और आतंकियों को धन पहुंचाने को अपराध ठहराने के लिए कारगर ढंग से काम करने के लिए वचनबद्ध हैं। 
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'अपनी जमीन से संचालित हो रही आतंकी गतिविधियों पर लगाम कसे पाक'

mark toner
वहीं पीएम के जोरदार बयान के बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान को खरा-खरा सुना दिया है। अमेरिका ने पाकिस्तान से स्पष्ट कहा है कि वह अपनी जमीन से संचालित हो रही आतंकी गतिवधियों पर लगाम कसे।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उपप्रवक्ता मार्क टोनर ने जोर देकर कहा, 'अमेरिका इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट है कि पाकिस्तान अपनी जमीन से संचालित हो रहे सारे आतंकी ग्रुपों के खिलाफ कार्रवाई करे। जाहिर है इसमें मुंबई हमला भी शामिल है। हम लोग दो टूक कह रहे हैं कि मुंबई आतंकी हमले में मारे गए लोगों को इंसाफ मिलना चाहिए।

इस भयावह आतंकी हमले में अमेरिकी नागरिकों की भी जान गई थी। हम लोग लंबे समय से आतंक विरोधी लड़ाइयों को मदद कर रहे हैं। इस मामले में हम इंडिया और पाकिस्तान से खुफिया सूचनाओं को भी साझा करते हैं।' 

अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान को सभी आतंकी समूहों को निशाना बनाना चाहिए और इनमें उन समूहों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जो उसके पड़ोसी देशों को निशाना बनाते हैं। हालांकि साथ ही अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई न करने को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की योजना नहीं बना रहा है। विदेश मंत्रालय के उपप्रवक्ता मार्क टोनर ने अपनी रेग्युलर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हम किसी किस्म के प्रतिबंध के बारे में नहीं सोच रहे।' 
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जाल्मे खलीलजाद ने कही थी पाक पर प्रतिबंध की बात

ख्‍ालीलजाद
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत जाल्मे खलीलजाद ने एक बयान में कहा था कि अब अमेरिका को  पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

खलीलजाद के इस बयान से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर टोनर ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि हम उस कगार पर हैं।' उन्होंने कहा, 'मेरा कहने का अर्थ है कि हम पाकिस्तान सरकार के उच्चस्तरीय लोगों के साथ बातचीत जारी रखे हुए हैं और इन सभी वार्ताओं में मूल बिंदु यह होता है कि पाकिस्तान को सभी आतंकी समूहों को निशाना बनाना चाहिए।

इनमें वे आतंकी समूह भी शामिल होने चाहिए, जो पाकिस्तान के पड़ोसी देशों को निशाना बनाते हैं। पाकिस्तान को आतंकी समूहों के ठिकानों को नष्ट करना चाहिए और मैं आपको भी यही बताने की कोशिश कर रहा था।'

टोनर ने कहा, 'पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से जो प्रतिक्रिया हमें मिली है, वह यह है कि उन्होंने ऐसा करने के अपने इरादों के बारे में हमें आश्वासन दिया है। हम उनके द्वारा उठाए गए कुछ कदमों से, अफगानिस्तान सीमा पर कुछ आतंकवाद रोधी अभियानों से प्रोत्साहित हुए हैं। हम इन प्रयासों को बढ़ाने के लिए और आतंकी समूहों पर ज्यादा दबाव बनाने के लिए उनके साथ काम करना जारी रखेंगे।'
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