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सोशल मीडिया पर सावधानी हटी और दुर्घटना घटी

Wed, 07 Sep 2016 03:00 PM IST
सादिया हाशमी/एल्सबी, बीबीसी कैपिटल
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आज लगभग सारी दुनिया सोशल मीडिया पर है। ट्विटर पर अपने खयाल शेयर कर रही है। फेसबुक पर अपने इमोशन और इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरें शेयर कर रही है। लोगों को लगता है कि सोशल मीडिया पर उन्हें पूरी आजादी हासिल है।
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कुछ भी कहने-सुनने की, कुछ भी शेयर करने की। मगर ऐसा नहीं है। सोशल मीडिया पर बेरोक-टोक कुछ भी शेयर करना आपको मुसीबत में डाल सकता है। लंदन की रेबेका अल्वारेज को ही लीजिए। वो मीडिया कंपनी में काम करती हैं। एक दिन उन्होंने अपने बच्चे की एक तस्वीर फेसबुक पर शेयर की।

इस पर पहले तो बहुत लाइक्स मिले। मगर बाद में लोगों ने उनके इस कदम की निंदा शुरू कर दी। उनके बेटे की बिना कपड़ों की तस्वीर शेयर करने पर सवाल उठने लगे। कुछ लोग सलाह देने लगे। तो, कइयों ने सीधा हमला ही कर दिया, ये कहकर कि इंटरनेट पर बच्चे की ऐसी तस्वीर डालना खतरनाक हो सकता है।
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रेबेका को समझ में नहीं आया कि आखिर इसमें गलत क्या है? उन्हें लगा कि उनकी भावनाएं समझे बगैर ही लोग नतीजे पर पहुंच गए। लोग उन्हें शर्मिंदा कर रहे थे। लेकिन इस तजुर्बे से रेबेका ने एक सबक लिया है। अब वो कोई भी तस्वीर सोशल मीडिया पर डालने से पहले सौ बार सोचती हैं। 

सोशल मीडिया पर दफ्तर के लोग साथ हों तो रहे सावधान

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लंदन की वकील क्लेयर नोल्स कहती हैं कि सब लोग इतने खुशकिस्मत नहीं। एक सोशल मीडिया पोस्ट के चलते उनकी एक मुवक्क‌िल की नौकरी जाते-जाते बची। उसने फेसबुक पर ये लिखा था कि उनका मैनेजर मूर्ख है और अपने काम के लिए फिट नहीं।

बस फेसबुक पोस्ट को उनके दफ्तर के साथियों ने खूब साझा किया। बात कंपनी और मैनेजर तक जा पहुंची। उस कर्मचारी को नोटिस देकर नौकरी से निकालने की चेतावनी दी गई। माफी मांगने और लिखित में आगे ऐसा न करने का भरोसा देने पर उसकी नौकरी बची। जब आपके दफ्तर के साथी सोशल मीडिया पर आपके दोस्त हों, तो वहां और भी सावधानी बरतने की जरूरत है। वहां बात करते वक्त भी सतर्क रहना चाहिए। फिर चाहे आप अपनी डेस्क पर बात कर रहे हों।

या फिर, सोशल मीडिया पर कोई चर्चा हो रही हो। आपकी कोई राय, कंपनी या अपने सीनियर अधिकारी के खिलाफ मानी जा सकती है। तो, क्या सोशल मीडिया जो आजाद माध्यम माना जा रहा था अब पाबंदियों का शिकार होने लगा है। लोग अब खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। कुछ हद तक ये बात सच है।

अमेरिका में हुए प्यू रिसर्च में लोगों ने माना है कि सोशल मीडिया पर कोई बात खुलकर कहने में वो हिचकते हैं। इसीलिए आज व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों के जरिए ज्यादा बात कही जा रही है। जहां गिने-चुने भरोसेमंद साथियों से कुछ भी साझा किया जा सकता है। ये ध्यान रखने वाली बात है कि आप दफ्तर से भले ही काम खत्म करके निकल जाएं, मगर सोशल मीडिया पर आपकी हलचल पर किसी न किसी की नजर पड़ ही जाती है।

ऐसे में वहां कुछ भी बेहिचक कहना आपको मुसीबत में डाल सकता है। हाल ही में ब्रिटिश काउंसिल की एंजेला गिबिंस के खिलाफ कार्रवाई की गई। क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया पर राजकुमार जॉर्ज के बारे में एक लेख लिखा था। इसी तरह एक मशहूर ब्रिटिश शेफ को एक तस्वीर सोशल मीडिया पर डालने पर नौकरी से हटा दिया गया था। इस फोटो में शेफ ने दिखाया था कि कैसे शाकाहारी लोगों को बीफ खिलाया जा रहा है, उनके अनजाने में।
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आपका प्रोफाइल आपकी नौकरी के लिए बहुत अहम 

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असल में कंपनी के कर्मचारी जब सोशल मीडिया पर कुछ लिखते हैं, तो उससे कंपनी का नाम भी जुड़ जाता है। भले ही कंपनी का उससे कुछ भी लेना-देना न हो। कई बार ये भी होता है कि सोशल मीडिया पर भावनाओं के ज्वार में बहते हुए कोई कर्मचारी कोई खुफिया जानकारी बाकी दुनिया से साझा कर सकते हैं। 

इससे कंपनी को नुकसान हो सकता है। पिछले ही साल ब्रिटिश कंपनी गेम रिटेल ने अपने एक कर्मचारी को ऊटपटांग के ट्वीट करने पर नौकरी से निकाल दिया था। क्योंकि उससे कंपनी को अपना नाम खराब होने का डर था। आज की तारीख में सोशल मीडिया का आपका प्रोफाइल आपकी नौकरी के लिए बहुत अहम है। बहुत सी कंपनियां, नौकरी देने से पहले आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल को, आपकी फेसबुक पोस्ट, आपके ट्वीट और आपके इंस्टाग्राम फोटो देखती हैं।

इससे आपके किरदार के बारे में राय बनाती हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर आपकी हर हरकत आज दुनिया की नजर में है। बहुत से लोग ऐसे हैं जो इन बातों का खयाल किए बगैर खुलकर अपनी बात सोशल मीडिया पर कहते हैं। वो ये नहीं जानते कि उनकी बातें, उनके पोस्ट, उन्हीं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। बहुत से लोग होते हैं जो ऑनलाइन सेल्फ प्रमोशन में जुटे रहते हैं। खुद ही अपनी तारीफ करते हैं। ये लोग हमेशा काबिल हों, ये जरूरी नहीं।

कई बार इससे कुछ लोगों के बारे में हम अच्छी राय कायम कर लेते हैं। जो हकीकत से परे होती है। अपने तमाम खतरों के बावजूद सोशल मीडिया ने हमें दिया ज्यादा है और लिया कम है। इस बात के कोई सबूत नहीं कि सोशल मीडिया पर हमारी पोस्ट की वजह से हमारे रिश्तों पर असर पड़ता है। मतलब साफ है। आपको हमेशा संभलकर, दूसरों की भावनाओं का खयाल करके, अपनी कंपनी के हितों को ध्यान में रखकर अपनी बात सोशल मीडिया पर कहनी चाहिए। वरना, सावधानी हटी और दुर्घटना घटी।
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